प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Transporters Protest Against e-Challan: महाराष्ट्र में परिवहन विभाग की ई-चालान प्रणाली के खिलाफ राज्यभर के ट्रांसपोर्टर्स ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। ‘महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी’ के नेतृत्व में आगामी 5 और 6 मार्च को मुंबई के आजाद मैदान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन में ट्रक, टेंपो, बस, ऑटो और ट्रॉली सहित लगभग 2 लाख से अधिक वाहन मालिकों के शामिल होने की संभावना है, जिससे राज्य की रसद (logistics) और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।
ट्रांसपोर्टर्स का मुख्य आरोप है कि ई-चालान प्रणाली पूरी तरह दोषपूर्ण और मनमानी है। ई-चालान प्रणाली में भारी जुर्माने और कथित उत्पीड़न के खिलाफ तमाम ट्रांसपोर्टर हड़ताल के साथ मुंबई के आजाद मैदान पर राज्यव्यापी प्रदर्शन करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से महाराष्ट्र में हो रहा है, जिसमें बसों, ट्रकों, ऑटो और ट्रॉलियों सहित विभिन्न परिवहन एसोसिएशन शामिल हैं। महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित इस मोर्चे में मनमाने ई-चालान रद्द करने और सिस्टम में सुधार की मांग की जा रही है। एमएमआर में बस मालक संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र पाटिल ने कहा कि ई-चालान मनमाने ढंग से जारी किए जा रहे हैं, जिसका असर सभी पर पड़ रहा है।
दो दिवसीय इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे औद्योगिक शहरों में माल की आवाजाही पर पड़ेगा। दूध, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने का डर है। इसके अलावा, राज्य में वर्तमान में स्कूली परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में बसों और ऑटो की हड़ताल छात्रों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।
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इधर राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक न ट्रांसपोर्टरों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल पर न जाएं। इस समय स्कूली बच्चों की परीक्षाओं पर भी हड़ताल का असर पड़ सकता है। परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया है कि गलत ई-चालान रद्द करने पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है। इसके लिए 5 मार्च को पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई है।