Mukhyamantri Bal Ashirwad Yojana (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar News: सोशल मीडिया और ग्रामीण इलाकों में मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना नाम का एक पर्चा वायरल हो रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पर्चा पूरी तरह नकली है और इसमें किए गए दावे झूठे हैं। इस पर्चे में दावा किया गया है कि 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे दो बच्चों को, जिनके माता-पिता या उनमें से किसी एक की मृत्यु कोरोना काल में या 1 मार्च 2020 के बाद हुई है, हर महीने 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस कथित पर्चे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जानकारी के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय और तालुका स्तर के सरकारी दफ्तरों में पहुंच रहे हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पर्चे में दी गई जानकारी की सच्चाई जांचने के लिए प्रशासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग से पूछताछ की। दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना नाम की कोई योजना मौजूद नहीं है। इसलिए जिला प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा यह पर्चा पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और गुमराह करने वाला है।
इस फर्जी पर्चे में कहा गया है कि यह योजना कक्षा 5 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए है। इसमें 1 मार्च 2020 के बाद अनाथ हुए बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये देने की बात कही गई है। पर्चे में दस्तावेजों की सूची भी दी गई है, जिसमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल पहचान पत्र और पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र शामिल हैं। साथ ही आवेदन जमा करने की जगह (डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट/डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन ऑफिसर) और एक मोबाइल नंबर भी दिया गया है। इन जानकारियों से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
यह नकली पर्चा हर कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आशंका है कि आर्थिक ठगी करने वाले लोग इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम फैला रहे हैं। इसके चलते जांच के लिए तालुका कार्यालय पहुंचने वाले लोगों और कर्मचारियों के बीच कई बार विवाद की स्थिति बन रही है। स्थानीय प्रशासन (ग्राम सेवक, तलाठी आदि) को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की जरूरत बताई जा रही है।
ये भी पढ़े: MMRDA को KPMG का साथ, मुंबई के इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में लागू होंगे ग्लोबल स्टैंडर्ड्स
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रहे किसी भी फर्जी पर्चे या सूचना पर भरोसा न करें। सरकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी कार्यालय से ही प्राप्त करें। ऐसी फर्जी सूचनाओं के माध्यम से ठगी की आशंका रहती है, इसलिए सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी या पैसे न दें। फर्जी पर्चा फैलाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।