Jaykumar Rawal statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Kopargaon Agriculture Market: किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य की 306 मार्केट कमेटियों में से करीब 190 में ‘राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज शेतकरी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि किसानों सुविधाएं मिल सकें।
सूचना, विपणन व राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल ने बताया कि सरकार कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाढवण बंदर क्षेत्र में 1200 एकड़ जमीन पर पेरिस की तर्ज पर दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार बनाने की तैयारी में है। वे कोपरगांव कृषि उत्पाद मार्केट कमिटी में ‘राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज शेतकरी भवन’ के भूमिपूजन और विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक स्नेहलता कोल्हे, संजीवनी उद्योग समूह के अध्यक्ष बिपिन कोल्हे, सहकार महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी शुगर फैक्ट्री के चेयरमैन विवेक कोल्हे, महापौर पराग संधान, मार्केट कमिटी के चेयरमैन साहेबराव रोहोम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। मंत्री रावल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। खेती के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोलर कृषि पंप योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
शेतकरी सम्मान योजना के तहत किसानों को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जो किसान नियमित रूप से अपना कर्ज चुकाते हैं, उन्हें 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन और कपास उत्पादक किसानों की फसलों को गारंटीड कीमत पर खरीदकर उन्हें राहत प्रदान की गई है। इस अवसर पर स्नेहलता कोल्हे, बिपिन कोल्हे और विवेक कोल्हे ने भी अपने विचार व्यक्त किए, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना चेयरमैन साहेबराव रोहोम ने प्रस्तुत की।
प्याज उत्पादक किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर पांच स्थानों पर ‘प्याज बैंक’ स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से प्याज के भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जाएगा। मंत्री रावल ने बताया कि प्याज उत्पादक किसानों को नुकसान से बचाने के लिए उच्चस्तरीय समिति के माध्यम से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
कोपरगांव कृषि उपज मंडी के बढ़ते कारोबार को देखते हुए सरकार भविष्य में यहां कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और कृषि उत्पादों की सॉर्टिंग प्रणाली स्थापित करने में सहयोग देगी। भौगोलिक संकेत (GI) वाले कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए विदेशी देशों के साथ व्यापार समझौते भी किए जाएंगे। मंत्री रावल ने आश्वासन दिया कि भविष्य की योजनाओं में कोपरगांव मार्केट कमेटी को प्राथमिकता दी जाएगी।
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कृषि उत्पादों की बिक्री को आधुनिक बनाने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार (e‑NAM) प्रणाली का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। ‘एक देश, एक बाजार’ की अवधारणा के तहत राज्य में ‘इंटीग्रेटेड लाइसेंसिंग’ सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे व्यापारी राज्य की किसी भी मार्केट कमेटी से कृषि उत्पाद खरीद सकेंगे।
एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 2,100 करोड़ रुपये की लागत से ‘मैग्नेट 2.0’ परियोजना भी लागू की जा रही है। मंत्री रावल ने बताया कि कृषि उत्पादों की प्राथमिक प्रोसेसिंग, परिवहन और भंडारण परियोजनाओं के लिए विशेष अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।