अहिल्यानगर में तेंदुए का आतंक: किसान पर हमला, खड़की गांव में दहशत

Leopard Attack Kharki: अहिल्यानगर के खड़की गांव में तेंदुए का आतंक बढ़ा है। किसान पर हमला टला, कई जगह तेंदुआ देखा गया। फॉरेस्ट विभाग ने ड्रोन निगरानी और जनजागृती की।
अहिल्यानगर में तेंदुए का आतंक: किसान पर हमला, खड़की गांव में दहशत
अहिल्यानगर में तेंदुए का आतंक: किसान पर हमला, खड़की गांव में दहशत (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Akhilnagar Leopard News: अहिल्यानगर तालुका में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हर दिन तेंदुए अलग-अलग गांवों में घूमते दिखाई दे रहे हैं, जिससे पालतू पशुओं के साथ-साथ इंसानी बस्तियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। खड़की में एक तेंदुए ने किसान पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन किसान की सतर्कता के कारण उसकी जान बच गई। गांव के कई हिस्सों में तेंदुआ दिखाई देने से नागरिक दहशत में हैं। खड़की में पहले भी कई बार तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई है।

तेंदुए के डर से गांव में लगाया गया पिंजरा अब पास के बबुरदी बंद गांव में शिफ्ट कर दिया गया है, क्योंकि वहां तेंदुआ अधिक सक्रिय दिखाई दिया। खड़की और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी से किसानों, छात्रों, महिलाओं और आम नागरिकों में भय का माहौल बन गया है।

तेंदुआ देखने का दावा किया

रविवार (7 तारीख) सुबह किसान हौसराम वाडेकर अपने घर के पास टहल रहे थे, तभी एक तेंदुआ अचानक सामने आ गया। तेंदुए ने उन पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन सतर्कता से उन्होंने खुद को बचा लिया। गांव के ही रंगनाथ दत्तात्रेय बहिरत और अशोक भीमाजी कोथुले ने भी तेंदुआ देखने का दावा किया है। यह घटना वाल्की रोड पर गणेशवाड़ी इलाके में हुई।

तेंदुए का डर

वनविभाग के अधिकारी सखाराम यारे और योगेश चव्हाण ने मौके पर पहुंचकर जांच की और तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की। विभाग ने ग्रामीणों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। रबी सीजन की खेती के चलते खेतों में पानी और निराई का काम जारी है, साथ ही लाल प्याज की कटाई भी चल रही है। तेंदुए के डर से मजदूर भी खेतों में जाने से हिचक रहे हैं। किसानों ने मांग की है कि उन्हें दिन में पर्याप्त बिजली मिले ताकि वे सुरक्षित समय में खेती कर सकें।

सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए

खड़की के सरपंच भाऊसाहेब बहिरत ने बताया कि गांव में अब तक कई बार तेंदुए देखे गए हैं, जिससे ग्रामीण हमेशा डर में रहते हैं। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को तेंदुओं पर तुरंत नियंत्रण पाने के लिए कदम उठाने चाहिए और बढ़ती तेंदुआ संख्या पर सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए।

फॉरेस्ट डिवीजन ऑफिसर शैलेश बड्डे ने बताया कि तालुका के कई गांवों में तेंदुए दिखाई दे रहे हैं और विभाग उन्हें कंट्रोल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। ड्रोन की मदद से निगरानी की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की, खासकर किसानों, छोटे बच्चों और पालतू पशुओं को सुरक्षित रखने की सलाह दी।

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