Gondia News: 3 दिन में 85,476 क्विंटल धान खरीदी, किसानों को आर्थिक तंगी में मिली पहली राहत

Minimum Support Price (MSP) for paddy: गोंदिया में 3 दिन में 85,476 क्विंटल धान खरीदी, 1,961 किसानों ने बेचा, समर्थन मूल्य 2,369 रु./क्विंटल, किसानों को मिली राहत।
Minimum Support Price (MSP) for paddy: गोंदिया में 3 दिन में 85,476 क्विंटल धान खरीदी, 1,961 किसानों ने बेचा, समर्थन मूल्य 2,369 रु./क्विंटल, किसानों को मिली राहत।
धान की खरीद (सौजन्य-नवभारत)
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Kharif Rice Procurement Gondia: पिछले तीन दिनों में जिला मार्केटिंग फेडरेशन की धान खरीदी शुरू होने से किसानों को राहत मिली है। फेडरेशन ने खरीफ सीजन में 96 धान खरीदी केंद्रों को धान खरीदने का आदेश दिया है। लेकिन, अब तक 62 केंद्रों से 85,476 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। किसानों को समर्थन मूल्य से कम कीमत न मिले, इसके लिए सरकार जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल के जरिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदती है।

इस साल सरकार ने 2,369 रु. प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया है। हर साल खरीफ के दौरान जिला मार्केटिंग फेडरेशन 189 धान खरीदी केंद्रों से धान खरीदता है। इस साल भी फेडरेशन ने इतने ही धान खरीद केंद्र बनाने की योजना बनाई है। लेकिन, पोर्टल में बाधा, पंजीयन में दिक्कत, लक्ष्य मिलने में देरी और खरीदी आदेश जारी होने में देरी की वजह से दिवाली से पहले धान की खरीदी शुरू नहीं हो पाई। धान की खरीदी दो महीने देरी से शुरू होने की वजह से कई किसानों ने मजबूरी में निजी व्यापारियों को धान बेच दिया है।

62 धान खरीद केंद्रों पर खरीदी शुरू

पिछले तीन दिनों से जिला मार्केटिंग फेडरेशन के 62 धान खरीद केंद्रों पर धान की खरीदी शुरू हो गई है। जिले के 78,735 किसानों ने सरकारी धान खरीद केंद्र पर समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इनमें से 1961 किसानों ने 62 केंद्रों से 85,476 क्विंटल धान बेचा है। बेचे गए धान की कुल कीमत 20 करोड़ 24 लाख 94 हजार रु. है। धान की खरीदी शुरू होने से किसानों को थोड़ी राहत मिली है।

  • कुल धान खरीदी केंद्र - 96
  • धान खरीदी केंद्रों से खरीदी - 62
  • समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल - 2,369

रबी का 72 करोड़ बकाया

खरीप सीजन के लिए धान की खरीदी शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को रबी सीजन में सरकारी धान खरीदी केंद्र पर बेचे गए धान का बकाया अभी तक नहीं मिला है। 13,000 से ज्यादा किसानों का 72 करोड़ रुपये का बकाया है, जिससे किसानों के सामने पैसे की तंगी आ गई है। किसान पूछ रहे हैं कि सरकार बकाया के लिए पैसे कब देगी।

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