बुलढाणा में भारी तनाव सैकड़ों प्रदर्शनकारी पुलिस की हिरासत में…
बुलढाणा में 'शिवाजी कौन थे' पुस्तक के सार्वजनिक वाचन को लेकर भारी तनाव उत्पन्न हुआ। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
Buldhana News: शिवाजी कोण होता शिवाजी कौन थे पुस्तक को लेकर उपजे विवाद के कारण बुधवार को बुलढाणा शहर में भारी तनाव का माहौल रहा. पुस्तक का सार्वजनिक वाचन करने के लिए आए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इस मामले के मुख्य केंद्र रहे प्रकाशक प्रशांत आंबी को बुलढाणा पहुंचने से पहले ही चिखली में रोककर हिरासत में ले लिया गया.यह पूरा विवाद गोविंद पानसरे द्वारा लिखित और प्रशांत आंबी द्वारा प्रकाशित पुस्तक शिवाजी कोण होता को लेकर है. प्रकाशक प्रशांत आंबी और उनके समर्थकों ने विधायक संजय गायकवाड़ के आवास के सामने इस पुस्तक का सार्वजनिक वाचन करने की घोषणा की थी.
प्रदर्शनकारी जिजामाता प्रेक्षागार मैदान पर जमा हुए थे और हाथों में विरोध के बैनर लेकर प्रदर्शन करने वाले थे. जैसे ही पुस्तक वाचन शुरू होने वाला था, अपर पुलिस अधीक्षक श्रौणिक लोढ़ा और उपअधीक्षक सुधीर पाटिल भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे. पुलिस ने कानूनव्यवस्था का हवाला देते हुए सैकड़ों लोगों को हिरासत में ले लिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प की खबरें भी सामने आईं.
राजनीतिक गरमाहट
प्रकाशक प्रशांत आंबी ने कहा कि दूसरी ओर, विधायक संजय गायकवाड़ के समर्थक भी बड़ी संख्या में अपने कार्यालय के पास जमा हो गए थे, जिससे शहर में टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी. पुलिस ने पहले ही प्रशांत आंबी को नोटिस जारी कर भड़काऊ भाषण न देने और धार्मिक भावनाओं को आहत न करने की चेतावनी दी थी.कोटपुलिस को पहले ही सूचित किया थाहमने पुलिस को पहले ही सूचित किया था कि हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक होगा. हम कोई तोड़फोड़ करने नहीं, बल्कि सिर्फ पुस्तक पढ़ने आए थे. हमने पुलिस पर भरोसा किया, लेकिन उन्होंने हमें बीच रास्ते में रोककर हमारे साथ विश्वासघात किया है.
