editor abusive post case (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sangamner News: राज्य के उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजितदादा पवार की दुर्घटनावश मृत्यु के बाद, सत्तारूढ़ शिवसेना के पूर्व शहर प्रमुख दिनेश फटांगरे ने सोशल मीडिया पर उनके संबंध में एक विवादित पोस्ट साझा की थी। इस पर दैनिक युवावर्त द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने से नाराज होकर, फटांगरे ने अखबार के संपादक किशनभाऊ हासे के खिलाफ अपने फेसबुक पेज पर अभद्र और आपत्तिजनक पोस्ट की।
इस घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं में पिछले दो दिनों से रोष व्याप्त है। प्रारंभ में उनके खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पत्रकारों को धमकाने और मीडिया संस्थानों को बदनाम करने के आरोप में पत्रकार संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एक और मामला दर्ज किया गया। संगमनेर शहर में पत्रकार संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत यह अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।
फटांगरे पर विधायक सत्यजीत तांबे के खिलाफ भी आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट साझा करने का आरोप है। इस संबंध में कांग्रेस पार्टी द्वारा भी शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले दो दिनों से फरार है, जिससे नागरिकों और पत्रकार संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है। दैनिक युवावर्त के संस्थापक किशनभाऊ हासे ने पुलिस से आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल एक अखबार, बल्कि पूरे मीडिया जगत की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
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गुरुवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों, पत्रकारों और पत्रकार संघों के पदाधिकारियों ने उप पुलिस अधीक्षक कुणाल सोनावणे और शहर पुलिस निरीक्षक समीर बारावकर से मुलाकात कर लिखित शिकायत और सबूत सौंपे। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर की गई गंदी, झूठी और बदनाम करने वाली टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि विधायक अमोल खटाल द्वारा दिनेश फटांगरे को समय-समय पर चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद शिवसेना ने उन्हें उनके पद से हटा दिया है। अब मांग की जा रही है कि उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित किया जाए।