अकोला पार्षद शिवसेना में हुए शामिल (सौजन्य-नवभारत)
Shiv Sena UBT Resignation: अकोला महानगर पालिका चुनाव की हलचल शांत होते ही अब अकोला में शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) गुट को बड़ा झटका लगा है। वर्तमान जिला प्रमुख सहित 4 पार्षदों ने शिवसेना उबाठा छोड़कर शिवसेना शिंदे गुट का रुख किया है। मंगलवार, 17 मार्च की रात मुंबई में यह घटनाक्रम हुआ और बुधवार को अकोला में इसकी खबर फैलते ही राजनीतिक हलचल मच गई हैं।
अब अकोला में उबाठा गुट के पास केवल दो पार्षद ही बच गए हैं, जिससे 80 सदस्यीय महानगर पालिका में उनकी ताकत न के बराबर हो गई है।उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की प्रमुख उपस्थिति में मुंबई में शिवसेना उबाठा गुट के जिला प्रमुख मंगेश काले तथा चार पार्षद मनोज पाटिल, सागर भारुका, सोनाली सरोदे और सुरेखा काले ने शिवसेना शिंदे गुट में प्रवेश किया।
अकोला महानगर पालिका चुनाव में शिवसेना उबाठा गुट ने महाविकास आघाड़ी से अलग होकर स्वबल पर 54 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें 6 सीटों पर विजय हासिल हुई। अब इनमें से 4 पार्षदों के अलग होने से गुट को बड़ा नुकसान हुआ है।
महानगर पालिका चुनाव में शिवसेना शिंदे गुट ने भी स्वबल पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें केवल 1 सीट पर सफलता मिली। भाजपा के साथ सत्ता में आने के बाद अब 4 नए पार्षदों के जुड़ने से उनकी संख्याबल 5 तक पहुंच गयी है और मनपा में उनका प्रभाव बढ़ने वाला है।
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महानगर पालिका चुनाव में इस बार तस्वीर बदलने की स्थिति बनाने वाले उबाठा गुट को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। कई सीटों पर उन्हें बहुत कम अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा, जबकि 6 सीटों पर विजय प्राप्त हुई। इन 6 में से 4 पार्षदों ने अब साथ छोड़ दिया है, जिससे उबाठा गुट के पास केवल 2 पार्षद ही बच गए हैं। इनमें पार्षद अभय खुमकर और विजय इंगले का समावेश है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी के अनुसार, शिवसेना उबाठा गुट के जिला प्रमुख मंगेश काले को अब शिवसेना शिंदे गुट का जिला प्रमुख पद मिलने की चर्चा है। साथ ही पार्षदों को उनके प्रभागों के विकास के लिए भरपूर निधि देना भी तय होने की जानकारी मिली है।