अकोला में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, 25 हजार जुर्माना भी लगाया

Akola News: अकोट की अदालत ने 12 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता महेंद्र कठेरिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, 13 गवाहों और ठोस सबूतों के आधार पर न्यायाधीश बी.एम. पाटिल ने सुनाया कड़ा फैसला।
Accused sentenced to life imprisonment, fined Rs 25,000 in Akola rape case
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Akola Crime News: 29 जनवरी 2026 को अकोट के अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश बी।एम। पाटिल की अदालत ने एक अत्यंत गंभीर प्रकरण में कठोर निर्णय सुनाया। हिवरखेड पुलिस स्टेशन में भादंसं की धारा 376(2)(F)(N) तथा सह धारा 6 पोक्सो अधिनियम के तहत आरोपी महेंद्र कठेरिया (39) निवासी लुंबिनी रेलवे गेट, डाबकी रोड, अकोला को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 25,000 रु। का जुर्माना लगाया गया है, जो भरने पर पीड़िता को दिया जाएगा। जुर्माना न भरने पर आरोपी को अतिरिक्त छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

घटना का पूरा मामला समझ लीजिए

20 नवंबर 2017 को हिवरखेड में आरोपी अपनी 12 वर्षीय बेटी के साथ ठहरा हुआ था। रात में उसने बच्ची को पास बुलाकर जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता ने यह घटना अपनी मां को बताई, जिसके आधार पर 21 नवंबर को हिवरखेड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई। आरोपी पर धारा 376(2)(I)(F)(N) 506 भादंसं तथा पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अंतिम निर्णय

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश बी.एम. पाटिल ने आरोपी महेंद्र कठेरिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह सजा आरोपी को जीवनभर भुगतनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों पर कठोरतम दंड ही समाज में न्याय और सुरक्षा का संदेश दे सकता है।

न्यायालयीन कार्यवाही

सरकारी वकील अजीत देशमुख ने अकोट की अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपी ने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। ऐसा घिनौना अपराध समाज में गलत संदेश देता है, इसलिए आरोपी को किसी भी प्रकार की दया दिखाना उचित नहीं है। इस मामले में कुल 13 गवाहों की गवाही दर्ज हुई, जिनमें पीड़िता, उसकी मां, चिकित्सक, विद्यालय प्रमुख और जांच अधिकारी की गवाही महत्वपूर्ण रही।

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