Sujay Vikhe Patil statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Shirdi Kharat Controversy: नासिक भोंदुबाबा खरात केस में नगर जिले के एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता के शामिल होने के संकेत मिले हैं। यह नेता हर विवादित मामले में कैसे सामने आता है? इस केस की जांच से कई अहम बातें सामने आ सकती हैं। यह भी स्पष्ट हो सकता है कि गिरफ्तार आरोपी किस राजनेता का एजेंट था। भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. सुजय विखे पाटिल ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है।
डॉ. विखे पाटिल ने अशोक खराट केस के संदर्भ में अपना स्पष्ट और कड़ा रुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब तक जो जानकारी सामने आई है, उससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। उनके अनुसार, सच्चाई का सामने आना बेहद जरूरी है। समाज के आम लोगों की भावनाओं से खेलने वाली किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने विशेष रूप से उन महिलाओं से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की, जिनके साथ किसी भी प्रकार की गलत घटना हुई है। सरकार ने इसके लिए विशेष व्यवस्था की है, जहां शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
खरात मामला बेहद गंभीर है और फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी कई चौंकाने वाली बातें सामने आ सकती हैं। डॉ. विखे पाटिल ने कहा कि कुछ वीडियो सामने आए हैं, जो नगर जिले के एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति के शामिल होने के संकेत देते हैं। इससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। हालांकि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और यदि कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुजय विखे पाटिल ने सवाल उठाया कि जिस जनप्रतिनिधि के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है, वह लगभग हर विवाद में कैसे सामने आ जाता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता गंभीरता से सोचे कि क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है।उन्होंने नागरिकों से यह भी सवाल करने की अपील की कि जिन जनप्रतिनिधियों को वे चुनते हैं, क्या वे वास्तव में समाज के विकास के लिए काम कर रहे हैं या केवल विवादों में ही घिरे रहते हैं।
रमजान ईद के अवसर पर डॉ. सुजय विखे पाटिल ने शिरडी में मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं। ईदगाह मैदान में मौजूद रहकर उन्होंने लोगों से संवाद किया और एकता तथा भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिरडी की धरती सभी धर्मों के लिए समान सम्मान रखती है। शिरडी के साईं बाबा के विचारों से समाज में सद्भाव और एकता को और मजबूती मिल सकती है।
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भोंदूबाबा खरात के खिलाफ पहला मामला शिरडी में दर्ज हुआ था। इसके बाद शिरडी से ही इस मामले की गुप्त जांच शुरू की गई। जिले के पालकमंत्री के अनुसार, अब नासिक पुलिस इसी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
कुल मिलाकर, शिरडी कनेक्शन काफी गंभीर माना जा रहा है। भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. सुजय विखे पाटिल लगातार इस केस की गंभीरता को लेकर बयान दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि शिरडी और नगर जिले में इस मामले की जड़ कितनी गहराई तक जाती है।