Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • रवि, 2 अगस्त 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Sidhi News: ‘जनसंख्या के हिसाब से सामान्य है…’, 53 माताओं की मौत पर सिविल सर्जन का बेशर्म बयान

Sidhi Civil Surgeon Statement: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में 1 साल में 53 प्रसूताओं की मौत पर मचा बवाल, सिविल सर्जन एस.बी. खरे ने मौतों को बताया सामान्य, बयानों पर भड़का भारी जनाक्रोश।

  • Reported By: अर्पित पाण्डेय | Edited By: सजल रघुवंशी
Updated On: Jun 15, 2026 | 11:36 AM

सिधी के सिविल सर्जन का बेशर्म बयान (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Sidhi Maternal Mortality Statement: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बीते एक वर्ष के दौरान 53 प्रसूताओं की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच जिले के सिविल सर्जन एस.बी. खरे का बयान विवादों में आ गया है। उन्होंने इन मौतों को जिले की आबादी के अनुपात में “सामान्य” बताया है। उनके इस बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आम लोगों के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी इस बयान पर आपत्ति जता रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, पिछले एक साल में जिलेभर में 53 महिलाओं की प्रसव के दौरान या उससे जुड़े कारणों से मौत हुई। ये वे महिलाएं थीं जो एक नए जीवन को जन्म देने की तैयारी में थीं, लेकिन खुद जीवन की जंग हार गईं। मामला सामने आने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि स्वास्थ्य विभाग इन घटनाओं की समीक्षा करेगा और मौतों के कारणों की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगा। हालांकि, सिविल सर्जन के बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

जनसंख्या को देखते हुए 53 मौतें सामान्य हैं- सिविल सर्जन

सिविल सर्जन का कहना था कि जिले की जनसंख्या को देखते हुए 53 मौतें सामान्य हैं लेकिन इस टिप्पणी ने उन परिवारों की पीड़ा को और बढ़ा दिया है जिन्होंने अपनी बेटियों, बहुओं और पत्नियों को खो दिया। कई लोगों का मानना है कि मातृ मृत्यु को सिर्फ आंकड़ों के आधार पर नहीं देखा जा सकता।

सम्बंधित ख़बरें

ग्वालियर: सब राहुल गांधी के इशारे पर हुआ…पप्पू यादव की हिंदू विरोधी एक्टिंग से भड़का बजरंग दल; किया प्रदर्शन

मुरैना: शराब ठेकेदार और आबकारी अधिकारियों के कथित ऑडियो-वीडियो वायरल, विभाग पर घूसखोरी के आरोप

सिस्टम की बड़ी लापरवाही..पन्ना में बारिश में बर्बाद हुआ लाखों का अनाज, खुले में सड़ रहा हजारों क्विंटल धान

सागर: जंगल में मिला रहस्यमयी खजाना? राजा बाबा दरबार में सोना, गहने और प्राचीन मूर्तियों की चर्चा से उमड़ी भीड़

मातृ मृत्यु दर स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम पैमाना

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का आकलन करने में मातृ मृत्यु दर सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक होती है। केंद्र और राज्य सरकारें इस दर को कम करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती हैं और कई योजनाएं संचालित करती हैं। ऐसे में यदि एक जिले में एक वर्ष के भीतर 53 महिलाओं की मौत हो जाती है, तो इसे गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि हर मातृ मृत्यु के पीछे कारणों की गहन जांच आवश्यक होती है जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

जवाबों का इंतजार, जिम्मेदारी तय करने की मांग

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन 53 मौतों के पीछे वास्तविक कारण क्या थे। क्या महिलाओं को समय पर इलाज नहीं मिल पाया? क्या अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञों या आवश्यक संसाधनों की कमी थी? क्या प्रसव के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही हुई? फिलहाल इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने नहीं आए हैं।

यह भी पढ़ें: CM मोहन यादव ने 900 एमएसएमई यूनिट को दिए 360 करोड़, कहा- सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश

सिविल सर्जन के बयान ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या 53 माताओं की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ पाएगी।

Sidhi maternal mortality civil surgeon statement on 53 deaths

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 14, 2026 | 02:32 PM

Topics:  

  • Madhya Pradesh
  • MP News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.