सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shajapur Murder News: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में लखुंदर नदी की पुलिया के नीचे मिले युवक की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह वारदात कोई हादसा नहीं बल्कि प्रतिशोध की भावना से की गई सोची-समझी हत्या थी। प्रेम प्रसंग और व्हाट्सएप पर भेजी गई तस्वीरों से उपजे विवाद ने एक युवक की जान ले ली, जिसे आरोपियों ने दुर्घटना दिखाने की नाकाम कोशिश की थी।
लालघाटी पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक राजेश मालवीय का मुख्य आरोपी रवि उर्फ रविंद्र मालवीय की पत्नी आरती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। विवाद तब बढ़ा जब राजेश आरोपी की पत्नी को गुजरात ले गया और वहां खिंचवाए फोटो रविंद्र को व्हाट्सएप पर भेजकर उसे चिढ़ाने लगा। इसी अपमान का बदला लेने के लिए रविंद्र ने साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, आरोपी रविंद्र ने अपने दोस्त राहुल मालवीय के फोन का इस्तेमाल कर राजेश से संपर्क किया। उसने अपनी पहचान छुपाकर राजेश का भाई बनकर बात की और उसे शादी कराने का झांसा देकर ग्राम टुंगनी बुलाया। 3 फरवरी की रात जब राजेश वहां पहुंचा, तो दोनों आरोपी उसे पास के एक गेहूं के खेत में ले गए। वहां आरोपियों ने राजेश के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसकी हत्या कर दी।
वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने राजेश के शव और उसकी बाइक को लखुंदर नदी की पुलिया के नीचे फेंक दिया ताकि यह एक साधारण सड़क दुर्घटना लगे। 4 फरवरी को राजेश का शव मिलने के बाद उसके भाई सोनू मालवीय ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी रविंद्र की पहली शादी साल 2016 में हुई थी, लेकिन कोई संतान न होने के कारण वह करीब चार माह पूर्व खंडवा निवासी आरती को अपने साथ लाया था और उससे शादी कर ली थी। आरती के साथ उसकी एक छोटी बेटी भी है। विवाद तब गहराया जब मृतक राजेश मालवीय बीते माह की 20 तारीख को आरती को गुजरात ले गया और वहां उसके साथ फोटो खिंचवाए।
जब रविंद्र ने अपनी पत्नी से संपर्क करना चाहा तो राजेश और उसकी बहन बात नहीं करने देते थे, जिस पर रविंद्र ने पुलिस शिकायत की धमकी भी दी थी। इसके बाद 24 जनवरी को वे शाजापुर लौटे, लेकिन अगले ही दिन राजेश फिर आरती को लेकर देवास चला गया।
आखिर में जब रविंद्र अपनी पत्नी को वापस गांव टुंगनी ले आया, तो राजेश उसे चिढ़ाने के लिए लगातार गुजरात में खींची गई तस्वीरें व्हाट्सएप पर भेजने लगा। इन तस्वीरों और राजेश के व्यवहार ने रविंद्र के भीतर जबरदस्त आक्रोश भर दिया, जिसके बाद उसने अपने दोस्त राहुल के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। लालघाटी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य, साइबर सेल और सीसीटीवी की मदद ली।
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जांच के दौरान कॉल डिटेल्स खंगालने पर पुलिस का शक रविंद्र और राहुल पर गहरा गया। हिरासत में लिए जाने के बाद जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई, तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अपराध छुपाने का पूरा प्रयास किया था लेकिन तकनीकी सुरागों ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।