सजा सरकार नहीं देगी तो फैसला सनातनी लेंगे... ब्राह्मण बेटियों पर बोलने वाले IAS को मिश्रा की चेतावनी

BJP नेता और MP के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने IAS संतोष वर्मा के बयान पर पलटवार करते हुए आक्रामक तेवर में टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा बेटियों पर अभद्र टिप्पणी हमारे समाज में बर्दाश्त नहीं है।
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ब्राह्मण बेटियों पर बोलने वाले IAS को नरोत्तम मिश्रा की खुली चेतावनी (फोटो- सोशल मीडिया)
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Narottam Mishra Statement on IAS Santosh Verma: मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानों का बवंडर उठ खड़ा हुआ है। शिवपुरी में बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री की भागवत कथा में पहुंचे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखाई दिया। उन्होंने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बोल पर ऐसी हुंकार भरी है जिसने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मिश्रा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर सरकार दोषी अधिकारी को सजा नहीं देती है, तो सनातनी खुद उनका फैसला करवाने का दम रखते हैं। यह बयान अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।

शुक्रवार को शिवपुरी में आयोजित धार्मिक मंच से नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया कि बेटियों पर की गई अभद्र टिप्पणी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका यह आक्रामक रुख आईएएस संतोष वर्मा के उस बयान के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने आरक्षण और जातीय भेदभाव को लेकर ब्राह्मण समाज की बेटियों पर बेहद आपत्तिजनक उदाहरण दिया था। मिश्रा का यह बयान न केवल सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाने वाला है बल्कि समाज के आक्रोश को भी व्यक्त करता है। उन्होंने साफ किया कि पद की गरिमा भूलने वालों को समाज माफ नहीं करेगा।

सनातनी ताकत की हुंकार

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के मंच से बोलते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि संतोष वर्मा को सरकार अगर सजा नहीं देगी तो हम उनका फैसला सनातन से करवाने की ताकत रखते हैं। उन्होंने भरे मंच से सरकार से मांग की है कि वर्मा पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि समाज की बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का हक किसी को नहीं है, चाहे वह कितने ही बड़े पद पर क्यों न बैठा हो। नरोत्तम मिश्रा के इस तेवर ने यह साफ कर दिया है कि यह मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है।

रोटी-बेटी के बयान पर बवाल

यह पूरा विवाद IAS संतोष वर्मा के अजाक्स सम्मेलन में दिए गए बयान से जुड़ा है। उन्होंने कहा था कि आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए जब तक कोई ब्राह्मण पिता अपनी बेटी का दान दलित बेटे को न कर दे और रोटी-बेटी का रिश्ता न बन जाए। इस बयान पर मोहन यादव सरकार ने भी सख्ती दिखाई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसे सिविल सेवा आचरण नियमावली का उल्लंघन मानते हुए वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। अब देखना होगा कि सरकार की कार्रवाई और नरोत्तम मिश्रा की चेतावनी के बाद आगे क्या मोड़ आता है।

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