MP हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती पर अंतरिम रोक, सरकार और MPPSC से जवाब तलब
MP High Court Ayush Recruitment Stay: जबलपुर हाई कोर्ट ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। HC ने राज्य सरकार और MPPSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
- Written By: प्रीतेश जैन
जबलपुर हाई कोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Jabalpur High Court News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अंतरिम रोक लगाने का फैसला किया है। इधर सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जवाब के लिए दो दिन का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून 2026 को होगी।
भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक
कोर्ट ने 31 दिसंबर 2025 को जारी तीनों विज्ञापनों के तहत होने वाली आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती से जुड़ी सभी आगे की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इसके चलते फिलहाल चयन और नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि MPPSC की भर्ती प्रक्रिया में उन संविदा आयुष चिकित्सकों को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जिन्होंने 5 साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है।
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राज्य सरकार ने किया था प्रावधान
मध्य प्रदेश सरकार ने 11 मार्च 2025 की अधिसूचना में यह प्रावधान किया था कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी विभाग के ऐसे संविदा चिकित्सा अधिकारी, जो पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, उन्हें नियमित भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाएगा, बशर्ते वे समकक्ष पद पर कार्यरत हों।
कोर्ट में क्या कहा गया?
वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने अदालत में दलील दी कि सभी संविदा आयुष चिकित्सक उसी पद पर कार्यरत हैं, जिसके लिए भर्ती निकाली गई है। केवल वेतनमान के अंतर के आधार पर आरक्षण लाभ से वंचित करना गलत है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले से चल रहे अवमानना प्रकरण में सरकार ने स्वीकार किया है कि वेतनमान को नियमित पदों के बराबर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग से अनुरोध किया गया है।
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हजारों डॉक्टरों को राहत
जबलपुर हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से राज्यभर के हजारों संविदा आयुष चिकित्सकों को राहत मिली है। लंबे समय से ये चिकित्सक नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग कर रहे थे। अब सरकार के जवाब और अगली सुनवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
