Chambal Sanctuary Case: चंबल में अवैध उत्खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, MP के प्रमुख सचिव तलब,राजस्थान को भी फटकार
Chambal Sand Mining Supreme Court: बिना नंबर प्लेट के वाहनों की जब्ती पर मांगा हलफनामा। "नियम तोड़ने वालों और लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई? कोर्ट ने माँगा विवरण।"
- Written By: सुधीर दंडोतिया
चंबल में अवैध उत्खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सोर्स : सोशल मीडिया
Supreme Court On Chambal Sanctuary: राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में जारी अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील इस क्षेत्र में हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
।कोर्ट के आदेश के बाद परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को 20 मई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहना होगा। सरकार को ऐसे वाहनों की पहचान, जब्ती और मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा।
मध्य प्रदेश परिवहन नेटवर्क पर कोर्ट का वार
अदालत ने मध्य प्रदेश सरकार से पूछा है कि रेत के अवैध परिवहन में इस्तेमाल हो रहे बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब फोकस केवल खनन पर नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवहन नेटवर्क पर है
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राजस्थान सरकार पर नाराजगी
राजस्थान सरकार के ढीले रवैये पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की। बेंच ने कहा कि राज्य में 40 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक केवल एक CCTV कैमरा लगाया है। इसे कोर्ट ने ‘प्रशासनिक उदासीनता’ करार दिया।अदालत ने राजस्थान के गृह, खनन, वन, वित्त और परिवहन विभाग के शीर्ष अधिकारियों को भी 20 मई को तलब किया है।
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भविष्य की व्यवस्था पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों से यह भी जानना चाहा है कि भविष्य में चंबल नदी में रेत का उत्खनन पूरी तरह रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की जा रही है। कोर्ट ने उन अधिकारियों की सूची भी मांगी है जिनके कार्यक्षेत्र में अवैध खनन जारी रहा और उनके खिलाफ अब तक क्या विभागीय कार्रवाई की गई है।
