MP Nigam Mandal Board : MP सरकार की नई पहल, 'मंत्री' दर्जा नेताओं के लिए पाठशाला, खुद सीएम देंगे ट्रेनिंग

Madhya Pradesh Government Training Program: अटल बिहारी संस्थान में 18 मई को होगा प्रशिक्षण; 63 Nigam Mandal Boardके नवनियुक्त पदाधिकारी सीखेंगे सरकार चलाने के गुर और वित्तीय अनुशासन
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नेताओं के लिए पाठशाला, : सोर्स सोशल मीडिया
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Madhya Pradesh Government Training Program: मध्य प्रदेश सरकार ने Nigam Mandal Board और प्राधिकरणों में हाल ही में नियुक्त किए गए पांच दर्जन से अधिक नेताओं को अब शासन की कार्यप्रणाली समझाने की तैयारी कर ली है। 'मंत्री' का दर्जा प्राप्त इन नवनियुक्त अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए 18 मई सोमवार  को राजधानी के अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

सुबह 9 बजे से शुरू होने वाले इस प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे तक चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री इन पदाधिकारियों को जनहित और सुशासन की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करने का मार्गदर्शन देंगे।

18 विभागों के आला अफसर रहेंगे मौजूद

प्रशिक्षण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 18 विभागों के अपर मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

इन विषयों पर विस्तृत जानकारी देंगे

  • कामकाज और नीतियां: निगम-मंडलों की कार्यप्रणाली और सरकारी नीतियां।
  • वित्तीय प्रबंधन: सरकारी धन का उपयोग और वित्तीय अनुशासन।
  • अधिकार और दायित्व: दर्जा प्राप्त मंत्रियों के रूप में मिलने वाले कानूनी अधिकार और उनकी जिम्मेदारियां।

कार्यक्रम की रूपरेखा

  • सुबह 9 से 10 बजे: पंजीयन और स्वल्पाहार।
  • सुबह 10 से 11 बजे: मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भव्य उद्घाटन सत्र।
  • सुबह 11 से 12 बजे: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और वित्त विभाग द्वारा प्रजेंटेशन।
  • दोपहर 12 से 1 बजे: विभागवार अलग-अलग सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण।
  • दोपहर 1 से 2 बजे: भोजन और समापन।

प्रभावी और पारदर्शी कामकाज पर जोर

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी 63 पदाधिकारियों को इस प्रशिक्षण में शामिल होना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की इस पहल को निगम-मंडलों के कामकाज को अधिक सक्रिय, प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, ताकि ये नेता बिना किसी देरी के अपनी नई भूमिकाओं में परिणाम देना शुरू कर सकें।

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