राजेंद्र भारती को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, दतिया में उपचुनाव लगभग तय; 29 जुलाई को अगली सुनवाई
Rajendra Bharti Case: राजेंद्र भारती को बड़ा झटका लगा है। करीब 25 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में तीन साल की सजा मिलने के बाद राहत की उम्मीद लगाए बैठे राजेंद्र भारती को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली।
- Written By: सजल रघुवंशी
राजेंद्र भारती को बड़ा झटका (सोर्स- सोशल मीडिया)
Rajendra Bharti Did Not Get Relief From High Court: दतिया के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। करीब 25 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में तीन साल की सजा मिलने के बाद राहत की उम्मीद लगाए बैठे पूर्व विधायक को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने सजा से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 29 जुलाई तय की है।
गौरतलब है कि इसी सजा के चलते उन्हें अपनी विधायकी भी गंवानी पड़ी थी। इसके अलावा अदालत ने उन पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कांग्रेस ने इस मामले में राजेंद्र भारती के साथ खड़े होने की बात कही थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, विधायक को हुई सजा का यह मामला दतिया जिले के भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़ा है। यह मामला उस समय का है, जब राजेन्द्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। आरोप है कि उन्होंने एक बैंक लिपिक के साथ मिलकर 10 लाख रुपये की एफडी में हेरफेर किया। एफडी की अवधि और उससे जुड़े दस्तावेजों में बदलाव कर तय समय से अधिक अवधि तक ऊंची ब्याज दर पर रकम निकालते रहने का आरोप भी उन पर लगाया गया है।
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हाई कोर्ट में क्या हुआ?
राजेंद्र भारती ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी, साथ ही उन्होंने सजा पर रोक व जमानत की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने तुरंत राहत देने सेआ इनकार करते हुए सुनवाई जुलाई तक टाल दी।
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भारती की विधायकी समाप्त
सजा मिलते ही भारती की विधायकी समाप्त हो चुकी है। दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है और इसकी सूचना चुनाव आयोग को भेजी जा चुकी है। उपचुनाव लगभग तय माना जा रहा है। जबकि हाई कोर्ट से जुलाई तक राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही, दतिया में उपचुनाव की आहट तेज हो गई है। अब मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है कि आने वाले 2–3 महीनों में दतिया का चुनावी माहौल पूरी तरह बदल सकता है।
