बुरहानपुर में पहली बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल; पांडारोल नाले में उफान से MP-महाराष्ट्र संपर्क टूटा
MP-Maharashtra Main Route Destroyed: बुरहानपुर के नेपानगर में पहली बारिश ने खोली पोल, पांडारोल नाला उफनाने से एमपी-महाराष्ट्र हाईवे बंद, कोर्ट परिसर डूबा, 1 साल से अधूरी पड़ी है पुलिया।
- Reported By: नितिन झवर | Edited By: सजल रघुवंशी
बुरहानपुर में तेज बारिश का कहर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Burhanpur Pandarol Heavy Rain: बुरहानपुर जिले में मानसून की पहली तेज बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की हकीकत सामने ला दी है। नेपानगर क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद पांडारोल नाला उफान पर आ गया, जिससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। वहीं दूसरी ओर, दो घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद नेपानगर न्यायालय परिसर भी जलमग्न हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पांडारोल नाले में उफान, दो राज्यों का संपर्क टूटा
नेपानगर क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण पांडारोल नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नाले पर बनी पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बंद करना पड़ा। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन रोक दिया। मार्ग बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग वैकल्पिक मार्ग तलाशते नजर आए।
एक साल बाद भी अधूरा पड़ा पुलिया निर्माण
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित पुलिया का निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा है। हर साल बारिश के मौसम में इसी तरह की स्थिति बनती है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा कर लिया जाता तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता था। पहली ही भारी बारिश में मार्ग बंद होने से निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, लोगों को दी चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुलिया के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे तेज बहाव के दौरान पुलिया पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे जान-माल का खतरा हो सकता है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
न्यायालय परिसर में भरा पानी, कामकाज प्रभावित
वहीं नेपानगर में करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद न्यायालय परिसर में भी जलभराव की स्थिति बन गई। परिसर में पानी भर जाने से अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण न्यायिक कार्य भी प्रभावित हुए।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यायालय परिसर में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते हर बारिश में यही समस्या सामने आती है। पहली ही बारिश में सामने आई इन समस्याओं ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
