इंदौर में ‘द टेपेस्ट्री ऑफ जस्टिस’ कॉन्फ्रेंस की शुरुआत; CJI सूर्यकांत और CM मोहन यादव ने किया उद्घाटन
CJI Suryakant Statement: इंदौर में राष्ट्रीय विधिक सम्मेलन का भव्य आगाज, CJI सूर्यकांत, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया उद्घाटन।
- Reported By: अंशुल मुकाती | Edited By: सजल रघुवंशी
जस्टिस सूर्यकांत, (फोटो- सोशल मीडिया)
Tapestry of Justice Indore: इंदौर मे न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अहम और समसामयिक मुद्दों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय मंथन की शुरुआत इंदौर में हुई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और अन्य न्यायाधीशों ने सम्मेलन का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों सहित देशभर से आए विधि विशेषज्ञ और विद्वान शामिल हुए। सम्मेलन की शुरुआत ‘द टेपेस्ट्री ऑफ जस्टिस’ थीम के साथ हुई। कॉन्फ्रेंस ‘एन्हांसिंग एक्सेस इंडिया’ का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस सूर्यकांत एवं अन्य जजों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। विशिष्ट बच्चों ने सभी जजों का स्वागत किया।
वेस्ट जोन राज्यों के हाईकोर्ट जज भी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विक्रम नाथ, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं गोवा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पर्यवेक्षण न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन तथा सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीश, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस विवेक रूसिया, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आनंद पाठक तथा वेस्ट जोन राज्यों के हाईकोर्ट के न्यायाधीश उपस्थित रहे।
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संबोधन में सीजेआई सूर्यकांत ने कहीं बड़ी बात
अपने संबोधन में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को केवल अदालतों और फैसलों तक सीमित रखने के बजाय आम नागरिक की डिग्निटी यानी गरिमा और सम्मान को केंद्र में रखना होगा। समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना न्यायिक व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी है।
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‘आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए’
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अस्पताल से लेकर कोर्ट-कचहरी तक आम नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। कानूनी सहायता को संवैधानिक अधिकार बताते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों, महिलाओं और बच्चों तक प्रभावी कानूनी मदद पहुंचाना जरूरी है।
