गोद में बीमार भाभी को लेकर थाने पहुंचा देवर, निजी अस्पताल में इलाज के बाद दोनों किडनी खराब होने का लगाया आरोप
Bhopal Hospital Controversy: भोपाल में पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की दोनों किडनियां प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू की है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
पीड़ित, अस्पताल और डॉक्टर (फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Bhopal Medical Negligence Case: राजधानी भोपाल में एक निजी अस्पताल में हुए इलाज में लापरवाही के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंसाफ की उम्मीद में एक युवक अपनी बीमार भाभी को गोद में उठाकर सीधे गोविंदपुरा थाने पहुंच गया। परिवार का आरोप है कि पथरी के सामान्य ऑपरेशन के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और अब उनकी दोनों किडनियां प्रभावित हो चुकी हैं। पिछले डेढ़ महीने से उनका नियमित डायलिसिस कराया जा रहा है।
साकेत नगर की निवासी पीड़ित महिला सुनीता मेहरा ने गोविंदपुरा थाने में लिखित शिकायत देकर अस्पताल और डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के मुताबिक अप्रैल महीने में साकेत नगर स्थित सिनर्जी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में पथरी का ऑपरेशन कराया था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य बताया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी और स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई।
संकट में है महिला का जीवन
परिवार का कहना है कि महिला को पहले शहर के अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ। बाद में उन्हें एम्स भोपाल में शिफ्ट किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। परिजनों का दावा है कि अब महिला पूरी तरह डायलिसिस पर निर्भर हो गई हैं और उनका जीवन संकट में है।
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ऑपरेशन के दौरान लापरवाही, संक्रमित उपकरणों का उपयोग
महिला के देवर ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही और संक्रमित उपकरणों के उपयोग के कारण गंभीर संक्रमण फैला, जिसने उनकी दोनों किडनियों को नुकसान पहुंचाया। उनका कहना है कि एम्स में हुई जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें चिकित्सकीय लापरवाही की आशंका मजबूत लगती है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इलाज में 40 लाख रुपए खर्च
पीड़ित परिवार के अनुसार अब तक इलाज पर 35 से 40 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके परिजन दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक सामान्य ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन अब पूरा परिवार असाधारण संकट का सामना कर रहा है।
डॉक्टर ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, सिनर्जी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के प्रबंधक एवं चिकित्सक डॉ. निमिष सहारा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज का उपचार मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया और अस्पताल की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई। उन्होंने परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन बताया है।
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गठित की जाएगी जांच समिति
मामले को लेकर भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा ने कहा है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित की जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं गोविंदपुरा थाना पुलिस ने भी शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एडीसीपी गौतम सोलंकी के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
