एशिया कप में कांस्य जीतकर लौटीं स्नेहा दावदे का बड़वानी में भव्य स्वागत, निमाड़ की बेटी ने बढ़ाया देश का मान

Sneha Davde Asia Cup: जापान में अंडर-18 एशिया कप हॉकी में कांस्य पदक जीतकर लौटीं बड़वानी की स्नेहा दावदे का शहर में भव्य स्वागत हुआ। बचपन से हॉकी के प्रति समर्पण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
Sneha Davde Asia Cup Bronze
स्नेहा दावदे (फोटो सोर्स- नवभारत)
Published on
Updated on

Barwani Hockey Player Sneha Davde: जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम के साथ कांस्य पदक जीतकर लौटीं बड़वानी की होनहार खिलाड़ी स्नेहा दावदे का शहर में भव्य स्वागत किया गया। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे जिले में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और उन्हें निमाड़ की शान बताया।

स्नेहा के शहर पहुंचने पर प्रमुख मार्गों से स्वागत जुलूस निकाला गया। जगह-जगह स्वागत मंच सजाए गए थे, जहां लोगों ने फूल-मालाओं से उनका सम्मान किया। ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच शहरवासियों ने उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया। पूरे मार्ग पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और खिलाड़ियों के प्रति सम्मान का अनूठा नजारा देखने को मिला।

स्नेहा ने किया शानदार प्रदर्शन

जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्नेहा दावदे ने शानदार प्रदर्शन किया और टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग के हॉकी फीडर सेंटर की खिलाड़ी हैं और उनकी इस उपलब्धि को जिले के खेल इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।

बचपन से हॉकी में रही दिलचस्पी

मिडफील्डर के रूप में खेलने वाली स्नेहा ने बताया कि बचपन से ही वह अपनी बुआ पिंकी दावदे के साथ हॉकी मैदान में जाती थीं और उन्हीं से प्रेरित होकर खेल के प्रति उनका लगाव बढ़ा। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। इस सफर में जिला हॉकी संघ के कोच मुकेश राठौड़ और अन्य प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कठिन परिस्थितियों ने बनाया मजबूत

स्नेहा दावदे ने अपने संघर्षों को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में उन्हें मिट्टी और धूल भरे मैदानों पर अभ्यास करना पड़ा, लेकिन इन्हीं परिस्थितियों ने उन्हें मजबूत बनाया और आगे बढ़ने का हौसला दिया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए, क्योंकि मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना संभव है।

स्नेहा ने बढ़ाया देश का मान

खेल प्रेमियों और नागरिकों ने स्नेहा की सफलता को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। जनप्रतिनिधियों ने भी कहा कि स्नेहा ने बड़वानी, मध्यप्रदेश और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है तथा उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com