

AIIMS Bhopal Vishram Sadan: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों और तीमारदारों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। अस्पताल प्रबंधन ने परिसर में 500 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक विश्राम सदन के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य दूर-दराज से आने वाले मरीजों के साथ आए परिजनों को सुरक्षित, सस्ती और सम्मानजनक ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
जानकारी के अनुसार विश्राम सदन का निर्माण जून 2026 के आखिरी हफ्ते से शुरू होगा और इसे साल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह भवन एम्स परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग के पास बनाया जाएगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तक आसानी से पहुंचने की सुविधा मिल सके।
नए विश्राम सदन में सामूहिक डॉरमेट्री के अलावा एक, दो और चार बेड वाले कमरे भी बनाए जाएंगे। इससे अलग-अलग जरूरत और आर्थिक क्षमता वाले लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार ठहरने का विकल्प मिलेगा। सभी कमरों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, लॉकर और सुरक्षित वातावरण जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ध्यान में रखते हुए किराया भी बेहद रियायती रखा जाएगा।
एम्स भोपाल में प्रतिदिन लगभग 7 से 8 हजार मरीज ओपीडी और आईपीडी सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। इनमें मध्य प्रदेश के दूरस्थ जिलों, आदिवासी क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आने वाले मरीजों की संख्या भी काफी अधिक होती है। ऐसे में उनके परिजनों को अक्सर अस्पताल परिसर के बाहर फुटपाथ, बरामदों या गलियारों में रात गुजारनी पड़ती है। नया विश्राम सदन इस समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।
यह परियोजना सामाजिक सरोकार के तहत सेवाद्वार आरोग्य फाउंडेशन के सहयोग और वित्तीय भागीदारी से विकसित की जाएगी। विश्राम सदन में केवल उन्हीं तीमारदारों को कमरा या बेड उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके पास मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टर की अनुशंसा होगी। इससे लंबे समय तक भर्ती मरीजों के जरूरतमंद परिजनों को प्राथमिकता मिल सकेगी।
इधर, हमीदिया अस्पताल में भी इसी तरह का विश्राम सदन बनाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। हालांकि वहां अभी उपयुक्त भूमि का चयन किया जाना बाकी है। यदि यह योजना भी साकार होती है तो राजधानी के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले हजारों परिवारों को बड़ी सुविधा मिल सकेगी।