भोपाल डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, संपत्ति हड़पने के लिए अंधे दंपत्ति की हत्या; दो सगे भाई गिरफ्तार
Double Murder Case Bhopal: भोपाल के ऐशबाग में दृष्टिबाधित दंपत्ति हत्याकांड का पर्दाफाश, प्रॉपर्टी हड़पने के लिए सगे भाइयों ने की थी हत्या, ₹50 हजार के इनामी आरोपी गिरफ्तार।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
भोपाल डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bhopal Double Murder Case Mystery Solved: राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में हुए चर्चित अंधे दंपत्ति हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जोन-01 पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मृतक दंपत्ति की संपत्ति हड़पने की नीयत से पहले धोखाधड़ी कर मकान का दानपत्र (गिफ्ट डीड) अपने नाम कराया और फिर सुनियोजित तरीके से दोनों की हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक ओल्ड सुभाष नगर स्थित मकान नंबर बी-35/2 में रहने वाले दृष्टिबाधित दंपत्ति हेमंत फिलेमोन और शकुंतला फिलेमोन के घर से दुर्गंध आने पर दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने डायल-112 और ऐशबाग थाना पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि हेमंत फिलेमोन का शव बेडरूम में पलंग पर और शकुंतला फिलेमोन का शव बैठक कक्ष के सोफे पर पड़ा था। घटनास्थल से कारतूस के खाली खोखे, बुलेट सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए, जिनकी एफएसएल टीम ने वैज्ञानिक जांच की।
पुलिस ने 1500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच के दौरान करीब 20 पुलिस टीमों ने लगातार काम किया। पुलिस ने 1,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन एनालिसिस, डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं का गहन विश्लेषण किया। कई जिलों में दबिश देकर संदिग्धों की तलाश की गई।
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लंबी जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया
लंबी जांच के बाद पुलिस ने श्रीकांत चिचलिया (40) और शशीकांत चिचलिया (35) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के सामने उनका झूठ टिक नहीं सका। आखिरकार दोनों ने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी धोखाधड़ी से दंपत्ति का मकान अपने नाम करा चुके थे
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी मृतक दंपत्ति के मकान का दानपत्र धोखाधड़ी से अपने नाम करा चुके थे। इसके बाद संपत्ति पर पूरी तरह कब्जा करने के उद्देश्य से उन्होंने दोनों की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपी श्रीकांत चिचलिया पेशे से प्रॉपर्टी ब्रोकर है, जबकि उसका भाई शशीकांत चिचलिया फिजियोथेरपी का छात्र बताया गया है। दोनों भोपाल के कजलीखेड़ा स्थित बिडसर पाम कॉलोनी के निवासी हैं।
पुलिस महानिदेशक ने आरोपियों पर किया था 50 हजार का इनाम घोषित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह खुलासा वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई विवेचना का परिणाम है। मामले के सफल खुलासे में जोन-01 और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
