साइबर अपराधी पुलिस से ज्यादा तेज! MP हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के DGP को किया तलब
MP High Court News: जबलपुर में रिटायर्ड बैंक अफसर से ₹6.24 लाख की साइबर ठगी पर एमपी हाई कोर्ट सख्त, जांच में ढिलाई पर उठाए सवाल, तीन राज्यों के DGP से जवाब तलब।
- Reported By: पवन पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
जबलपुर हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Jabalpur High Court Summon Three State DGP: मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां क्रेडिट कार्ड अपडेट कराने के नाम पर एक रिटायर्ड महिला बैंक अधिकारी से 6.24 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की राशि पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
पुलिस जांच से असंतुष्ट पीड़िता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
क्रेडिट कार्ड अपडेट कराने के बहाने हुई ठगी
गोरा बाजार क्षेत्र निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी चैताली मित्र के पास क्रेडिट कार्ड अपडेट कराने के संबंध में एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक से जुड़ा बताते हुए कुछ जानकारी मांगी। बातचीत के दौरान साइबर ठगों ने उनके खाते से 6 लाख 24 हजार रुपये निकाल लिए। घटना का पता चलते ही उन्होंने गोरा बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला साइबर पुलिस को सौंप दिया गया। शुरुआती जांच के बावजूद पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी।
सम्बंधित ख़बरें
इंदौर: CM मोहन यादव ने जिला चिकित्सालय के नवनिर्मित 300 बिस्तरीय भवन का किया लोकार्पण
मंडला: कानून की उड़ीं धज्जियां, सिर फूटा तो आरोपी को कपड़े से बांधकर पूरे शहर में सरेराह घुमाया- देखें VIDEO
नागपुर मनपा अब होगी और हाई-टेक: अदालती मामलों की निगरानी के लिए जल्द लागू होगा e-CMS सिस्टम, HC में दी जानकारी
शिशुकुंज स्कूल की बड़ी लापरवाही उजागर: पानी में मिला बैक्टीरिया, बच्चो के बीमार होने के मामले में प्रशासन सख्त
पुलिस जांच से असंतुष्ट पीड़िता पहुंचीं हाई कोर्ट
मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं होने पर चैताली मित्र ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की। पिछली सुनवाई 29 जून को हुई, जिसमें जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय और संबंधित अधिकारियों को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। एसपी ने अदालत को बताया कि शिकायत मिलते ही मामला साइबर पुलिस को सौंप दिया गया था। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम के खातों में भेजी गई है। हालांकि, विभिन्न विभागों और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने में पांच दिन लगने के कारण जांच में देरी हुई।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी, तीन राज्यों के डीजीपी से जवाब तलब
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी ने कहा कि साइबर अपराधी पुलिस से कहीं अधिक तेजी से काम करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में जांच भी उतनी ही तेज और प्रभावी होनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि साइबर ठग टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में पुलिस को इन माध्यमों पर भी लगातार निगरानी रखनी चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील की मांग पर कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) से जवाब तलब किया है।
यह भी पढ़ें: इंदौर: CM मोहन यादव ने जिला चिकित्सालय के नवनिर्मित 300 बिस्तरीय भवन का किया लोकार्पण
साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और दूरसंचार विभाग से भी आवश्यक जानकारी मांगने की बात कही गई। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी, जिसमें संबंधित राज्यों के डीजीपी को जवाब प्रस्तुत करना होगा या आवश्यकता पड़ने पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ सकता है।
