
नई दिल्ली : बच्चे हो, बड़े हो या फिर बुजुर्ग हो हर किसी के लिए स्वास्थ काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दुनियाभर में लाखों की संख्या में लोग कई बड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। जिसमें कोरोना (Corona , टीबी, पोलियो, कैंसर (Cancer) और एड्स जैसी कई घातक बीमारियां शामिल हैं।
क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड हेल्थ डे?
ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए हर साल आज ही के दिन (7 अप्रैल) को ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ यानी, ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ ‘(World Health Day) के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया में हर व्यक्ति तक अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच हो और लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें है।
ये है मुख्य उद्देश्य
दरअसल, विश्व स्वास्थ्य दिवस को मनाने के पीछे का सबसे बड़ा मकसद यह भी है कि इसके तहत लोगों को जागरूक कर वैश्विक स्वास्थ्य और इससे जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श भी किया जा सके। क्योंकि आज भले ही देश ने हेल्थ के सेक्टर में काफी तरक्की कर ली है। मगर आज भी बहुत सारे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र है जहां स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं न के बराबर उपलब्ध है।
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इतना ही नहीं कहीं-कहीं गांवों में घर से हॉस्पिटल इतनी दूर है कि मरीज का समय पर पहुंच पाना असंभव हो जाता है। स्वास्थ्य संबंधित सभी मुद्दों को हल करने के लिए हर साल ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ का आयोजन किया जाता है। हालांकि, सरकार भी इसको लेकर हमेशा अलर्ट रहती है।
वर्ल्ड हेल्थ डे का इतिहास
गौरतलब है कि 7 अप्रैल, 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की स्थापना हुई थी। इसी के उपलक्ष्य में हर साल ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ मनाया जाता है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन, स्वास्थ्य के लिए यूनाइटेड नेशंस (UN) की स्पेशलिस्ट एजेंसी है।






