-
मंगल, 4 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Lifestyle »
- Who Was Louis Braille World Braille Day 4 January
विश्व ब्रेल दिवस 2026: 6 बिंदुओं का वो जादुई कोड जिसने बदली नेत्रहीनों की दुनिया, जानिए इतिहास
- Written By: दीपिका पाल
World Braille Day 2026: विश्व ब्रेल दिवस हर साल 4 जनवरी को लुईस ब्रेल की याद में मनाया जाता है। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने एक ऐसी लिपि की नींव रखी, जो दृष्टिहीनों के लिए उजाला थी।

विश्व ब्रेल दिवस ( सौ.सोशल मीडिया)
World Braille Day 2026: आंखें, हर किसी के जीवन का नजरिया है तो वहीं पर इसके बिना व्यक्ति अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकता है।एक समय ऐसा भी था जब नेत्रहीन लोग पढ़ने और लिखने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। उनके लिए दुनिया सिर्फ ध्वनियों और स्पर्श तक सीमित थी, लेकिन लुईस ब्रेल ने बहुत कम उम्र में ही एक ऐसी लिपि बनाई जिसकी मदद से दृष्टिबाधित लोग भी आज पढ़ और लिख सकते हैं।
यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं थी, क्योंकि इसे कई सालों तक समाज और संस्थानों द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था। लेकिन उनके दृढ़ संकल्प और मेहनत ने दुनिया को पहुंचाया है।
बचपन में हुआ था हादसा बदली जिंदगी
लुईस ब्रेल का जन्म फ्रांस के कुप्रे (Coupvray) गांव में 4 जनवरी 1809 को हुआ था। वे एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे थे। उनके पिता घोड़ों की जीन बनाने का काम करते थे। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण नन्हे लुईस ने बचपन से ही अपने पिता के काम में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। महज 3 साल की उम्र में पिता की वर्कशॉप में खेलते समय एक नुकीला औजार (चाकू जैसा) उनकी एक आंख में घुस गया। सही इलाज न मिल पाने के कारण इन्फेक्शन दूसरी आंख में भी फैल गया और 8 साल की उम्र तक आते-आते लुईस पूरी तरह नेत्रहीन हो गए।
सम्बंधित ख़बरें
Raksha Bandhan Makeup: पिंपल्स वाली स्किन पर मेकअप करना है, तो इन बातों का रखें ख्याल, नहीं बढ़ेगा ब्रेकआउट
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर पैरों की खूबसूरती बढ़ाएंगे ये 8 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स, जरूर ट्राई करें
Breastfeeding Week: शुरुआती महीनों में स्तनपान करने वाले बच्चों का दिमाग होता है ज्यादा तेज, मेमोरी भी शार्प
Black Superfoods: छोटी-सी प्लेट में बड़ा पोषण, इन 8 काले सुपरफूड्स से शरीर को मिलेंगे कई फायदे
तो फिर ऐसे हुआ ब्रेल लिपि का अविष्कार
आंखें खोने के बाद लुईस को नेत्रहीनों के स्कूल में दाखिला मिला। जब लुईस 12 साल के थे, तब उन्हें पता चला कि फ्रांसीसी सेना के लिए ‘नाइट राइटिंग’ नामक एक खास कूटलिपि बनी है, जिससे सैनिक अंधेरे में गुप्त संदेश पढ़ सकते थे। लुईस इस विचार से बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने अपने स्कूल के पादरी के माध्यम से इस कूटलिपि को विकसित करने वाले कैप्टन चार्ल्स बार्बर से मुलाकात की। यहीं से उनके मन में नेत्रहीनों के लिए एक सरल लिपि बनाने का विचार आया। उन्होंने सेना की जटिल कूटलिपि को सुधारना शुरू किया और साल 1829 तक मात्र 6 बिंदुओं पर आधारित ‘ब्रेल लिपि’ तैयार कर ली।
क्या होती है ब्रेल लिपि और कैसे करती है काम?
ब्रेल वास्तव में कोई भाषा नहीं, बल्कि एक विशेष कोड (Alphabetical Code) होता है। इसमें उभरे हुए 6 बिंदुओं की पंक्तियों का उपयोग किया जाता है। इन बिंदुओं को अलग-अलग संयोजनों में व्यवस्थित करके अक्षर, संख्याएं और विराम चिह्न बनाए जाते हैं। उंगलियों के पोरों से इन उभरे हुए बिंदुओं को छूकर नेत्रहीन व्यक्ति बड़ी आसानी से पढ़ सकते हैं। आधुनिक युग में यह तकनीक इतनी उन्नत हो गई है कि अब ब्रेल लिपि का उपयोग कंप्यूटर कीबोर्ड और स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर में भी व्यापक रूप से किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- सिर्फ फिजिकल स्ट्रेंथ ही नहीं मेंटली स्ट्रॉन्ग रखता है ये मूवमेंट, बस जानिए इसे करने का आसान तरीका
मान्यता के लिए लंबा इंतजार और मरणोपरांत सम्मान
हैरानी की बात यह है कि जिस लिपि ने करोड़ों जिंदगियां बदलीं, उसे लुईस के जीवित रहते कभी आधिकारिक मान्यता नहीं मिली। शिक्षाविदों ने लंबे समय तक इसे अपनाने से इनकार किया। लुईस ब्रेल की मृत्यु के लगभग सौ साल बाद दुनिया ने उनके योगदान को समझा। जब उनकी महत्ता सिद्ध हुई, तब उनके पार्थिव अवशेषों को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नवंबर 2018 में आधिकारिक रूप से 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस घोषित किया और पहला अंतरराष्ट्रीय ब्रेल दिवस 4 जनवरी 2019 को मनाया गया।
Who was louis braille world braille day 4 january
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
दतिया हार पर बीजेपी का मंथन: आज सीएम हाउस में समीक्षा बैठक, भितरघातियों पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
Aug 04, 2026 | 11:08 AMमराठा आरक्षण पर महायुति की बढ़ी टेंशन! मनोज जरांगे 7 अगस्त से करेंगे राज्य का दौरा, आंदोलन का दिया अल्टीमेटम
Aug 04, 2026 | 10:58 AMएयर इंडिया बिल्डिंग में बनेगा नया मंत्रालय, CM फडणवीस ने समीक्षा बैठक में दिए स्थानांतरण योजना के निर्देश
Aug 04, 2026 | 10:54 AMगोंदिया के 41 राजस्व मंडलों में लगी स्वचालित प्रणाली, अब ग्राम पंचायत स्तर पर मिलेगा मौसम का रियल टाइम डेटा
Aug 04, 2026 | 10:51 AMAgra: प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सुनहरा मौका, VIQ-2026 से मिलेंगे छात्रवृत्ति और करोड़ों के कैश रिवार्ड
Aug 04, 2026 | 10:50 AM‘पंक्चर वालों की औलाद’ बयान पर बढ़ा बवाल, AIMIM नेता वारिस पठान बोले- देश का माहौल खराब कर रहे बीजेपी नेता
Aug 04, 2026 | 10:47 AMनवभारत संपादकीय: जंतर-मंतर पर पैलेट गन के इस्तेमाल की होगी पड़ताल, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
Aug 04, 2026 | 10:45 AMवीडियो गैलरी

वाराणसी में अवैध क्लीनिक की लापरवाही से प्रसूता की मौत, स्वास्थ्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल! देखें VIDEO
Aug 03, 2026 | 11:15 PM
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, 100 करोड़ की संपत्ति वाले PK ने रचा इतिहास! देखें VIDEO
Aug 03, 2026 | 10:35 PM
रांची में 10वें दिन भी छात्रों का आमरण अनशन जारी, JP आंदोलन की तरह महासंग्राम का ऐलान; देखें VIDEO
Aug 03, 2026 | 10:06 PM
मुझे संघी बनना है, मेरे लिए रास्ता क्यों बंद? कंगना रनौत की इंस्टाग्राम स्टोरी ने मचाया तहलका, देखें VIDEO
Aug 03, 2026 | 09:28 PM
दतिया तो सिर्फ झांकी है, पूरा देश बाकी है…दतिया उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं मे जश्न- VIDEO
Aug 03, 2026 | 06:59 PM
2.5 करोड़ का घोड़ा, 3 हेलीकॉप्टर और लग्जरी गाड़ियां… आखिर कितने करोड़ के मालिक हैं बृजभूषण सिंह? देखें VIDEO
Aug 03, 2026 | 06:53 PM














