ईरान-इजरायल युद्ध से हापुस आम के निर्यात पर संकट, कोंकण के किसानों की बढ़ी चिंता

Israel-Iran Tension और जलवायु परिवर्तन के असर से हापुस आम के निर्यात पर संकट मंडरा रहा है। उत्पादन कम होने और बाजार अनिश्चितता से कोंकण क्षेत्र के आम उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है।
Hapus mango
हापुस आम (सौ. सोशल मीडिया )
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Alphonso Mango Export Crisis India: ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से इस बार हापुस आम के निर्यात पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं जिससे हापुस आम उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है।

आम की प्रजातियों में सबसे बेहतर माने जाने वाला हापुस आम का पैदावार महाराष्ट्र के सिंधदुर्ग, देवगढ़, मालवण, वेंगुर्ला, रत्नागिरी आदि क्षेत्रों में सबसे अधिक होती है।

हापुस आम उत्पादक किसानों के लिए मुंबई में करीब 25 वर्षों से आम्बा महोत्सव का आयोजन करने वाली संस्था कोकण विकास प्रतिष्ठान के सचिव राजेंद्र तावड़े ने बताया कि ईरान युद्ध के चलते इस बार हापुस आम के निर्यात की संभावना नहीं है, निर्यात नहीं होने से आम उत्पादक किसानों को काफी नुकसान होगा।

हापुस आम की पहली खेप बाजार में आ गई है जो 3 हजार रूपये दर्जन में बिक रही है। कोंकण विकास प्रतिष्ठान के सचिव राजेंद्र तावड़े ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर हापुस आम के पैदावार पर भी दिखने लगी है।

थ्रिप्स कीड़ों के प्रकोप का भी असर

आम के पेड़ों में इस बार खूब बौर आये थे। लेकिन बौर काले हो गए। कोंकण क्षेत्र में सिर्फ 10 प्रतिशत ही आमों की पैदावारी हुई है। आम के पेड़ों पर चिप्स कीड़ों के प्रकोप का भी असर है। हापुस आम उत्पादकों की चिंता है कि उन्हें आम का सही कीमत नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी।

आकार में बड़े व स्वाद में मिठास भरे महाराष्ट्र के हापुस आम को आम की सभी प्रजातियों में सबसे बेहतर माना जाता है, लेकिन कर्नाटक, आंध्रप्रदेश व गुजरात के हापूस आम से लगातार चुनौती मिलती रही है।

खाड़ी देशों में आम की सबसे ज्यादा रहती है डिमांड

भारत से प्रति वर्ष करीब 400 से 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ताजे आमों का निर्यात किया जाता है। इसमें हापुस आम का हिस्सा सबसे प्रमुख है। 2023-24 में कुल 32, 104 मीट्रिक टन से अधिक ताजे आम निर्यात किए, जिसका मूल्य लगभग 495।46 करोड़ था, जिसमें हापुस की मांग प्रमुख है। अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, सऊदी अरब सहित खाड़ी देशों में इसकी सबसे अधिक डिमांड रहती है।

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