पेडिक्योर करती महिला (सौ. फ्रीपिक)
Home Pedicure: बदलते मौसम के साथ ही पैरों की शामत आ जाती है। दिन भर जूतों में बंद रहने के कारण पसीना, धूल और बैक्टीरिया फंगल इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। अगर आप भी पैरों की बदबू या खुजली से शर्मिंदा होते हैं तो आयुर्वेद के ये आसान उपाय आपके पैरों को चिलचिलाती गर्मी में भी बेबी सॉफ्ट और फ्रेश रखेंगे।
इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है सुबह ठंड और दोपहर में झुलसाने वाली गर्मी। इस उमस भरे माहौल में हमारे पैर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। पसीने और बंद जूतों के कारण पैरों में जलन, खुजली और दुर्गंध जैसी समस्याएं घर करने लगती हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप सही फुटवियर के बिना भी घर पर स्वस्थ पैर पा सकते हैं।
आयुर्वेद में नीम को त्वचा का सबसे बड़ा रक्षक माना गया है। गर्मियों में पैरों के इन्फेक्शन से बचने के लिए नहाने के पानी में नीम की पत्तियां या नीम के तेल की कुछ बूंदें मिलाएं। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण न केवल गंदगी साफ करते हैं बल्कि पसीने से होने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं को भी खत्म करते हैं।
अक्सर लोग नहाने के बाद शरीर तो पोंछ लेते हैं लेकिन पैरों की उंगलियों के बीच के हिस्से को गीला छोड़ देते हैं। यही नमी फंगल इन्फेक्शन की असली जड़ है। याद रखें गीले पैरों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसलिए पैरों को तौलिये से अच्छी तरह सुखाएं और संभव हो तो थोड़ी देर उन्हें हवा या हल्की धूप लगने दें।
यह भी पढ़ें:- बालों के लिए वरदान है एलोवेरा; बस गर्मियों में आजमाएं ये 3 नुस्खे, सिर्फ 15 दिनों में दिखने लगेगा असर!
गर्मियों में बहुत टाइट या सिंथेटिक मटेरियल वाले जूते पहनने से बचें। ऐसे फुटवियर चुनें जिसमें हवा का संचार आसानी से हो सके। कॉटन के मोजे पहनना और समय-समय पर जूतों को धूप दिखाना पसीने की बदबू को रोकने का सबसे सरल तरीका है।
पैरों पर जमा डेड स्किन बैक्टीरिया का घर होती है। इसे हटाने के लिए आपको महंगे स्क्रब खरीदने की जरूरत नहीं है। इसके लिए थोड़ी सी शक्कर यानी चीनी में नारियल तेल मिलाएं। इस मिश्रण से हफ्ते में एक बार पैरों की हल्के हाथों से मालिश करें। यह न केवल मृत त्वचा को हटाएगा बल्कि नारियल तेल पैरों को मखमली कोमलता भी देगा और रक्त संचार बेहतर करेगा।
नियमित सफाई और सही फुटवियर अपनाकर आप न केवल पैरों की खूबसूरती बरकरार रख सकते हैं बल्कि गंभीर त्वचा रोगों से भी बच सकते हैं। इस गर्मी अपने पैरों को भी वही देखभाल दें जो आप अपने चेहरे को देते हैं।