

Pilates Workout: पिलाटेज कोई नई चीज नहीं है। 20वीं सदी में विकसित पिलाटेज एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है। इसे जर्मन फिटनेस विशेषज्ञ जोसेफ पिलाटेज ने विकसित किया था। पिलाटेज केवल ताकत बढ़ाने या शरीर को लचीला बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कोर मसल्स को मजबूत करना, बॉडी अवेयरनेस को बढ़ाना और मानसिक एकाग्रता विकसित करना भी है।
आमतौर पर पिलाटेज मैट पर किया जाता है, लेकिन इसके लिए रिफॉर्मर और कैडिलैक जैसे विशेष उपकरणों का भी उपयोग किया जाता है। रिफॉर्मर एक मशीन होती है, जिसमें स्प्रिंग लगी रहती है और यह स्प्रिंग अलग-अलग स्तर का रेजिस्टेंस प्रदान करती है। दूसरी ओर, कैडिलैक बार और स्ट्रैप्स से लैस एक मल्टीपर्पस फ्रेम होता है, जो तरह-तरह के एक्सरसाइज में मदद करते हैं।
पिलाटेज एक लो इम्पैक्ट फुल-बॉडी वर्कआउट है, जिसमें सही तरीके से सांस लेने और मसल्स कंट्रोल पर ध्यान दिया जाता है। इन्हीं कारणों की वजह से आज यह पारंपरिक जिम वर्कआउट का एक लोकप्रिय विकल्प बन चुका है।
Journal of Orthopaedic & Sports Physical Therapy और American Council on Exercise में प्रकाशित शोध के अनुसार, पिलाटेज रीढ़ की हड्डी को स्थिर रखने, शरीर का पोश्चर सुधारने और चोट लगने के जोखिम को कम करने में मदद करता है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में पिलाटेज केवल एक फिटनेस ट्रेंड नहीं, बल्कि फिटनेस की दुनिया में एक सक्सेसफुल साइंटिफिक सिस्टम बन गया है।
फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज लोग ऐसी एक्सरसाइज चाहते हैं, जो शरीर पर ज्यादा दबाव डाले बिना लंबे समय तक फिट रखें और पिलाटेज इसी जरूरत पर खरा उतरता है।
पिलाटेज अकेले तेजी से वजन घटाने का तरीका नहीं माना जाता है। हालांकि, यह मांसपेशियों को मजबूत करता है, बॉडी टोनिंग में मदद करता है और शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाता है। यदि इसे संतुलित आहार और कार्डियो एक्सरसाइज के साथ किया जाए, तो वजन प्रबंधन में भी मदद मिल सकती है।
पिलाटेज लगभग हर उम्र के लोग कर सकते हैं। फिर चाहे वो लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोग हो या पीठ दर्द या खराब पोश्चर से परेशान लोग। पिलाटेज खिलाड़ी से लेकर डांसर तक और यहां तक कि डिलीवरी के बाद डॉक्टरी सलाह लेकर कोई भी नई मां इसे कर सकती है। फिटनेस जर्नी की शुरुआत करने वाले लोगों के लिए भी यह अच्छी शुरुआत हो सकती है। हालांकि, यदि किसी को गंभीर चोट, हालिया सर्जरी या कोई पुरानी बीमारी है, तो पिलाटेज शुरू करने से पहले डॉक्टर या सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।
बिल्कुल नहीं, इसे कोई भी कर सकता है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे अक्सर महिलाओं के वर्कआउट के रूप में दिखाया जाता है, लेकिन जोसेफ पिलाटेज ने इसे पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए विकसित किया था। आज कई प्रोफेशनल एथलीट भी अपनी फिटनेस रूटीन में पिलाटेज को शामिल करते हैं ताकि ताकत, संतुलन और शरीर में फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहे।