मां चंद्रघंटा की पूजा करते श्रद्धालु (सौ. एआई)
Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रि का हर दिन मां दुर्गा के एक विशिष्ट स्वरूप को समर्पित होता है और इसी क्रम में तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की आराधना का होता है। देवी भागवत पुराण के अनुसार मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत शांतिदायक और कल्याणकारी है। डिजिटल युग में भक्त न केवल पूजा विधि बल्कि हर दिन के कलर कोड का भी पालन करते हैं ताकि उनकी साधना पूर्ण हो सके।
मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है जिसके कारण इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है और इनके दस हाथ हैं, जिनमें अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं। मां का यह स्वरूप भक्तों को निर्भयता और सौम्यता प्रदान करता है। मान्यता है कि तीसरे दिन विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति के साहस में वृद्धि होती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन के लिए ग्रे (Grey) यानी स्लेटी रंग को अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रे रंग संतुलन, शांति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। मां चंद्रघंटा की पूजा के दौरान इस रंग के कपड़े पहनने से मन में स्थिरता आती है और भक्त का ध्यान केंद्रित रहता है। यदि आपके पास ग्रे रंग के कपड़े नहीं हैं तो आप सफेद या क्रीम रंग के शेड्स का भी चुनाव कर सकते हैं क्योंकि ये रंग भी शांति के प्रतीक माने जाते हैं।
ग्रे कलर आउटफिट (सौ. पिन्टरेस्ट)
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हालांकि ग्रे दिन का विशेष रंग है लेकिन मां चंद्रघंटा को सुनहरा और पीला रंग भी विशेष प्रिय है। पूजा के समय मां को पीले रंग के फूल विशेषकर कमल या गुलाब अर्पित करना शुभ होता है। भोग की बात करें तो मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाइयां या खीर का भोग लगाना चाहिए। इससे परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
तीसरे दिन सुबह जल्दी स्नान कर साफ कपड़े (संभव हो तो ग्रे रंग के) पहनें। मंदिर की साफ-सफाई कर मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। मां को अक्षत, सिंदूर, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद दुर्गा चालीसा का पाठ करें और मां चंद्रघंटा के मंत्र ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः का जाप करें। अंत में आरती कर प्रसाद वितरण करें।
इस नवरात्रि मां चंद्रघंटा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें और सही रंग व विधि के साथ अपनी पूजा को सफल बनाएं।