Chaitra Navratri के तीसरे दिन होगी मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि

Maa Chandraghanta Puja: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। भक्त इस दिन शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा कर मां को प्रसन्न करते हैं।
Chaitra Navratri Third Day Puja
मां चंद्रघंटा (सौ.AI)
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Chaitra Navratri Third Day Puja:आज 21 मार्च चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है। यह दिन पूर्णतया देवी मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है।  इस शुभ अवसर पर साधक भक्ति भाव से देवी मां चंद्रघंटा की पूजा करते हैं। साथ ही मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए व्रत रखते हैं। देवी मां चंद्रघंटा की पूजा करने से सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। साथ ही जीवन में खुशियों का आगमन होता है।

 मां दुर्गा का क्या है तीसरा स्वरूप

धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, मां अंबे की तीसरी शक्ति है मां चंद्रघंटा। सिंह की सवारी करने वाली मां चंद्रघंटा का रूप स्वर्णिम आभा से युक्त है। मां चंद्रघंटा अपने मस्तक पर मुकुट धारण करती हैं उसमें अर्धचंद्र और दिव्य घंटी लगी है, इसलिए इस स्वरूप में देवी मां चंद्रघंटा कहलाती हैं। माता चंद्रघंटा की पूजा शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है। वे अपने हाथों में त्रिशूल, गदा, धनुष, बाण, तलवार, कमल, घंटा, रुद्राक्ष माला और कमंडलु धारण करती हैं। उनकी एक भुजा अभय मुद्रा में है, जो भय के निवारण का प्रतीक है।

मां चंद्रघंटा की पूजा विधि

  • नवरात्रि के तीसरे दिन की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करके मां का ध्यान करें।
  • मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए लाल और पीले फूलों का उपयोग करना चाहिए।
  • देवी चंद्रघंटा पूजा में अक्षत, चंदन और भोग के लिए पेड़े चढ़ाना चाहिए।
  • मां चंद्रघंटा के नाम का संबंध उनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटी से है, जो उनकी पहचान को दर्शाता है।
  • उनकी पूजा के दौरान घंटी बजाना आवश्यक माना गया है।
  • कहते है कि मंत्रों का जप, घी से दीपक जलाने, आरती, शंख और घंटी बजाने से मां प्रसन्न होती हैं।
  • मां को चमेली के फूल, सिंदूर और अक्षत अर्पित किए जाते हैं।
  • दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाएं और 'ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः' मंत्र का जाप किया जाता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

मां चंद्रघंटा का भोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाइयां, शहद और खीर का भोग अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि ऐसे भोग से मां प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इस विशेष दिन पर माता को प्रसन्न करने के लिए आप उन्हें मखाने की खीर का भोग लगा सकते हैं। इस दिन नींबू, इमली या सूखा नारियल मां को अर्पित नहीं करना चाहिए।

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