क्या आप भी रहते हैं चिड़चिड़े और उदास? जानें कैसे ये 1 तरीका बदल सकता है आपका दिमाग और मूड
Stress Relief Therapy: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण कई लोग चिड़चिड़ापन, उदासी और मानसिक थकान महसूस करने लगे हैं। ऐसे में म्यूजिक थेरेपी दिमाग को शांत करने में मदद करती है।
- Written By: प्रीति शर्मा
म्यूजिक थेरेपी (सौ. फ्रीपिक)
Music Therapy Benefits: आज की अनियमित दिनचर्या में तनाव और चिंता आम बात हो गई है। ऐसे में म्यूजिक थेरेपी एक सरल और प्रभावी इलाज बनकर उभरी है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार संगीत न केवल मन को शांत करता है बल्कि खुशी के हार्मोन बढ़ाकर डिप्रेशन जैसे खतरों को भी कम करता है।
आधुनिक जीवनशैली में काम का बढ़ता दबाव और भावनात्मक उथल-पुथल इंसान को मानसिक रूप से बीमार बना रही है। चिड़चिड़ापन, उदासी और घबराहट अब हर दूसरे व्यक्ति की समस्या है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल में मौजूद संगीत की धुनें एक बेहतरीन थेरेपी का काम कर सकती हैं।
क्या कहता है विज्ञान
जब हम संगीत सुनते हैं तो हमारे शरीर में कोर्टिसोल (तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर तेजी से गिरता है। इसके विपरीत मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे फील-गुड हार्मोन्स का स्राव बढ़ता है। यही कारण है कि पसंदीदा गीत सुनते ही मूड तुरंत बेहतर हो जाता है और नकारात्मक विचार कम होने लगते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Raksha Bandhan Makeup: पिंपल्स वाली स्किन पर मेकअप करना है, तो इन बातों का रखें ख्याल, नहीं बढ़ेगा ब्रेकआउट
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर पैरों की खूबसूरती बढ़ाएंगे ये 8 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स, जरूर ट्राई करें
Breastfeeding Week: शुरुआती महीनों में स्तनपान करने वाले बच्चों का दिमाग होता है ज्यादा तेज, मेमोरी भी शार्प
PCOD, PCOS, PMOS: एक जैसे लगते हैं ये तीनों नाम, लेकिन फर्क जानना हर महिला के लिए है जरूरी, जानें सबकुछ
यह भी पढ़ें:- Korean Skincare: पपीते के इस जादुई फेस मास्क से पाएं नेचुरल ग्लो, बस जान लें लगाने का सही तरीका
म्यूजिक थेरेपी के फायदे
- संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि मानसिक उपचार की एक प्रक्रिया है।
- हल्का संगीत सुनने से मन शांत रहता है और एंग्जायटी अटैक का खतरा कम होता है।
- रात को सोने से पहले शांत धुनें सुनने से नींद की गुणवत्ता सुधरती है।
- म्यूजिक थेरेपी से याददाश्त मजबूत होती है और काम पर ध्यान केंद्रित करना आसान होता है।
- यह दुख या खुशी जैसी दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालने का एक सुरक्षित जरिया है।
कैसे लें म्यूजिक थेरेपी
म्यूजिक थेरेपी के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं है। आप रोजाना 15-20 मिनट क्लासिकल, इंस्ट्रुमेंटल, भजन या अपनी पसंद के सॉफ्ट गाने सुन सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संगीत हमेशा कम वॉल्यूम में सुनना चाहिए। जहां तक संभव हो ईयरफोन या हेडफोन के लंबे इस्तेमाल से बचें क्योंकि यह कानों पर बुरा असर डाल सकता है।
यदि तनाव का स्तर बहुत अधिक है तो किसी पेशेवर म्यूजिक थेरेपी विशेषज्ञ से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। आज ही अपने लिए थोड़ा समय निकालें और संगीत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
