Mouth Taping: क्या रातभर मुंह पर टेप लगाकर सोना सही है? जानिए इसके फायदे और नुकसान
Mouth Taping Trend: मुंह पर टेप लगाकर सोने से नाक से सांस लेने में मदद मिलती है, खर्राटे कम होते हैं और स्लीप क्वालिटी बेहतर होती है। जानिए माउथटेपिंग को अपनाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- Written By: रीता राय सागर
माउथ टेपिंग (फोटो.सोशल मीडिया)
Mouth Taping for Better Sleep Quality: सोशल मीडिया पर माउथ टेपिंग नाम का एक ट्रेंड वायरल है। ऐसे में अगर आप भी इसे ट्राई करने की सोच रहे हैं, तो उससे पहले जान लें इससे होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में।
आजकल हर कोई सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है। सोशल मीडिया एक ऐसी जगह है, जहां हर दूसरे दिन कोई न कोई नया ट्रेंड वायरल होता रहता सोशल मीडिया पर माउथ टेपिंग नाम का एक डिवाइस है, जिसमें लोग मुंह पर टेप लगाकर सो रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस टेप की वजह से लोग रात भर मुंह से नहीं बल्कि नाक से सांस ले रहे हैं।
कुछ लोगों का मानना है ये सेहत के लिए अच्छा है और इससे खर्राटे कम होते हैं। साथ ही नींद की क्वालिटी भी बेहतर होती है, इतना ही नहीं इससे मुंह सूखने की समस्या भी खत्म होती है।
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माउथ टेपिंग के फायदे
साइंटिफिकली माउथ टेपिंग का काम नाक से सांस लेना। जब हम नाक से सांस लेते हैं तो हवा फिल्टर होती है और साथ में नमी मिलती है और फेफड़ों तक पहुंचने से पहले गर्म हो जाती है।
इसके अन्य फायदों में,
- मुंह सूखने की समस्या का कम होना
- गले में जलन कम होना
- खर्राटों का आना कम होना
- ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होना, जो ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन डिलीवरी में मदद करता है
- मुंह का pH लेवल बैलेंस रहना, इसके चलते दांतों की सड़न और मसूड़ों की समस्या से भी राहत मिलती है।
नाक से सांस या मुंह से सांस
इस ट्रेंड के सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि नाक से सांस लेना या मुंह से सांस लेना क्या ज्यादा बेहतर है? डॉक्टर्स मानते हैं कि नाक से सांस लेना ही बेहतर और नेचुरल तरीका है। जब हम नाक से सांस लेते हैं, तो सांस लेने के दौरान हवा में मौजूद धूल और एलर्जी फिल्टर हो जाती है। साथ ही साथ हवा नम और गर्म होकर फेफड़ों तक पहुंचती है। इतना ही नहीं नाक से सांस लेने से अस्थमा व श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को राहत मिलती है।
वहीं मुंह से सांस लेने की बात करें तो जब हम मुंह से सांस लेते हैं, तो मुंह सूखने की परेशानी, खर्राटे और इंफेक्शन की समस्या होने के चांसेज बढ़ जाते हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि माउथ टेपिंग सभी के लिए सुरक्षित नहीं है।
माउथ टेपिंग के जोखिम
- टेप लगाने से स्किन में जलन या एलर्जी।
- सोते समय घबराहट महसूस होना।
- नाक बंद होने पर सांस लेने में तकलीफ होना।
- स्लीप एप्निया वाले लोगों में सांस रुकने का खतरा बढ़ सकता है।
- उल्टी आने पर अजीब सा फील होना।
ऐसे में बिना डॉक्टर के सलाह के इसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। खासकर तब, जब आपको स्लीप एप्निया, नाक की ब्लॉकेज या सांस की समस्या है।
