
सीमा कुमारी
नवभारत डिजिटल टीम: ‘लोहड़ी’ (Lohri 2024) का पर्व हर साल मकर संक्रांति के एक दिन पहले मनाया जाता है, सिख धर्म के लिए यह पर्व बहुत खास और महत्वपूर्ण है। आज यानी 14 तारीख को यह त्योहार मनाया जा रहा है । ये पर्व में किसान ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और आने वाले समय में अच्छी फसल की कामना की जाती है। आइए जानें पंजाब में लोहड़ी कैसे मनाई जाती है और इस दिन किन चीजों का दान करना चाहिए ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोहड़ी मनाने के लिए सबसे पहले लकड़ियों की ढेर बनाई जाती है और उसपर सूखे उपले भी रखे जाते हैं और आग जलाई जाती है। इसके बाद समूह में लोग इकट्ठा होकर साथ में लोहड़ी पूजन करते हैं और चारों ओर परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा करते हुए इस आग में तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली आदि अर्पित की जाती है। इसके साथ ही लोगों द्वारा इस अवसर पर ढोल आदि पर अपना पारम्परिक नृत्य यानी गिद्दा और भांगड़ा करते हैं। महिलाएं लोक गीत गाती हैं और अंत में सभी एक- दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हैं।

ज्योतिष- शास्त्र के अनुसार, लोहड़ी के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अपनी क्षमता अनुसार, दान जरुर करना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन गाय को उड़द दाल और चावल खिलाने से गृह क्लेश की स्थिति से छुटकारा मिलता है।
लोहड़ी में जलाई गई अग्नि को बहुत ही पवित्र माना जाता है। ऐसे में इस अग्नि में रेवड़ी, मक्का के फूले, मेवे, गजक, मूंगफली, नारियल, गन्ना का अर्घ्य देना बहुत ही शुभ माना जाता है।
लोहड़ी पर दान का विशेष महत्व है। ऐसे में इस दिन तिल का दान जरूर करना चाहिए। इसे प्रसाद के रूप में कन्याओं में बांटे। ऐसा करने से परिवार में सुख शांति का माहौल बना रहता है।






