

Jabalpur St Aloysius School Conversion Case: धर्म नहीं बदला तो नौकरी से निकाल दिया, जबलपुर में धर्मांतरण से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मिशनरी स्कूल से पांच लोगों को केवल इसलिए बाहर कर दिया क्योंकि उन्होंने धर्म नहीं बदला था।
यह आरोप लगाते हुए निकाले गए शिक्षकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अनोखे तरीके से धरना प्रदर्शन किया, प्रदर्शन करने पहुंचे शिक्षकों ने अपने आवेदन को बैनर में छपवाया और उसे लेकर धरने पर बैठ गए और पुलिस अधिकारियों से धर्म परिवर्तन करने की अनुमति मांगने लगे।
बता दें कि जबलपुर के एक निजी स्कूल सेंट एलायसियस स्कूल के कुछ शिक्षकों ने प्रिंसिपल फादर सोमी जैकब और जॉनी सर पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शिक्षकों का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। पीड़ितों ने पुलिस पर भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। बता दें कि, शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी प्रिंसिपल ने ऐसे ही कई शिक्षकों को धर्म के आधार पर नौकरी से निकाला है।
शिक्षकों का कहना है कि सेंट एलायसिस स्कूल में ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार किया जाता है। वहां नौकरी केवल इस आधार पर दी जाती है कि आप ईसाई धर्म के मानने वाले हो और अगर आप हिंदू धर्म से आते हैं तो आपको धर्म बदलने पर मजबूर किया जाता है। तरह-तरह के लालच दिए जाते हैं और जब कोई व्यक्ति उनके लालच में नहीं आता है तो फिर उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगता है।
स्कूल से निकाले गए एक शिक्षक ने बताया कि स्कूल में सभी स्टाफ को प्रार्थना करने और चर्च जाने के लिए कहा जाता है जो ऐसा नहीं करता है उसके खिलाफ स्कूल के अंदर ही षड्यंत्र रचा जाता है नौकरी देने और अन्य सुविधाएं देने का भी लालच दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि अगर उन्हें नौकरी बचानी है तो उन्हें धर्म बदलना होगा और इसलिए आज उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धरना देकर प्रशासन से धर्म परिवर्तन करने की अनुमति मांगी है क्योंकि पुलिस प्रशासन सैंट अलोयसियस प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है लिहाजा अब उन्हें मजबूरन धर्म बदलना होगा।