

VinFast Vs Tesla: दुनिया की मशहूर इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla को भारत में बड़ा झटका लगा गया है। यह तो सभी देख ही रहे है कि एलन मस्क की कंपनी भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी हुई है। लेकिन इस रेस में वियतनाम की EV कंपनी VinFast ने भारत के बाजार में आते ही तहलका मचा दिया है। इस हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों कंपनियों ने लगभग एक ही समय के आस पास भारत में एंट्री की थी लेकिन बिक्री के आंकड़ों में VinFast अब Tesla से करीब 10 गुना आगे निकल गई है। इस पहल को देखते हुए एक्सप्रेस बताते है कि Tesla अब तक भारत में सिर्फ 383 इलेक्ट्रिक वाहन बेच पाई है लेकिन दूसरी ही तरफ VinFast की बिक्री 3,568 यूनिट में हुई है।
पिछले साल 2025 के आंकड़ो को देखे तो फेस्टिव सीजन में पहली बार VinFast ने Tesla को पीछे छोड़ दिया था। वहीं सितंबर और अक्टूबर के दौरान VinFast ने कुल 137 कारों की बिक्री पूरी की और उस समय Tesla सिर्फ 109 कारें बेच पाया था। वहीं FADA की जारी की गई रिपोर्ट में बताया था की अक्टूबर 2025 से VinFast की रफ्तार तेज हो गई थी। जबकि Tesla ने सितंबर में 69 और अक्टूबर में 40 गाड़ियां ही बेचीं थी। दूसरी तरफ VinFast ने सितंबर में सिर्फ 6 कारों से शुरुआत की लेकिन अक्टूबर आते-आते यह आंकड़ा 131 तक पहुंच गया था।
जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि भारत में VinFast की सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण उसकी लोकल मैन्युफैक्चरिंग करना है। देखा गया है कि कंपनी ने शुरुआत से ही भारत में प्लांट लगाने पर फोकस किया और तमिलनाडु में अपना मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित किया और इस एक कदम से कंपनी को भारी इम्पोर्ट ड्यूटी से राहत मिली पाई और वह अपनी कारों को कम कीमत में लॉन्च करने में सफल रहा। बता दें कि VinFast की VF6 की कीमत 17.29 लाख रुपये, VF7 की 21.89 लाख रुपये और VF MPV 7 की कीमत 24.49 लाख रुपये रखी गई है।
आखिर में बता दें कि Tesla ने आयात मॉडल अपनाया और अपनी लोकप्रिय Model Y को करीब 60 लाख रुपये की कीमत पर लॉन्च किया जो भारतीय ग्राहकों के लिए काफी महंगी साबित हो रही है।
आज के समय में देखा जा रहा है कि भारत का EV बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन यहां ग्राहक वैल्यू फॉर मनी को ज्यादा महत्व देते हैं। अभी के बाजार में 15 से 30 लाख रुपये का सेगमेंट फिलहाल सबसे ज्यादा लोकप्रिय है और VinFast ने इसी बाजार को निशाना बनाया है। ऐसे में टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत जैसे देश में मजबूत चार्जिंग नेटवर्क और किफायती कीमत बेहद जरूरी बन गई है। ऐसे में देखा जाए तो फिलहाल Tesla के पास भारत में सिर्फ 5 सुपरचार्जर हैं जो उसकी सबसे बड़ी कमजोरी मानी जा रही है।