- Hindi News »
- Lifestyle »
- Know The Story Behind Celebrating Orthodox Christmas
क्रिसमस से कितना अलग होता है ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस, जानिए आज का दिन मनाने की पीछे की कहानी
आज 7 जनवरी को रूस में ऑर्थोडॉक्स नाम से क्रिसमस मनाया जा रहा है। इसे हिंदी भाषा में रूढ़िवादी क्रिसमस के रूप में जाना जाता है।
- Written By: दीपिका पाल

रूढ़िवादी क्रिसमस (सौ.सोशल मीडिया)
Orthodox Christmas 2025: बीते साल 2024 के अंतिम महीने में 25 दिसंबर को दुनियाभर में ईसाई समुदाय के लोगों ने क्रिसमस का त्योहार तो मना ही लिया है लेकिन आज 7 जनवरी को रूस में ऑर्थोडॉक्स नाम से क्रिसमस मनाया जा रहा है। इसे हिंदी भाषा में रूढ़िवादी क्रिसमस के रूप में जाना जाता है। चलिए जानते हैं इस खास क्रिसमस के बारे में जानकारी…
जानिए ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस का इतिहास
यहां पर ईसाई समुदाय ने सबसे पहले के समय में रोमन सम्राट जूलियस सीज़र द्वारा 46 ईसा पूर्व में अपनाए गए कैलेंडर का पालन किया था। इस कैलेंडर का गणित अलग महत्व देते जा रहा है इसके अनुसार, एक वर्ष वह समय होता है जो सूर्य को पृथ्वी का चक्कर लगाने में लगता है। सामान्यत: कैलेंडर ने सौर वर्ष को 11 मिनट अधिक आंका। समय के साथ, जूलियन कैलेंडर और सौर वर्ष का तालमेल बिगड़ता गया। इसके अलावा खगोल विज्ञान में कहा गया कि, पोप ग्रेगरी ने जूलियन कैलेंडर की कुछ गलतियों को सुधारने के लिए 1582 में ग्रेगोरियन कैलेंडर बनाया।
ईसाई दुनिया के अधिकांश लोगों ने ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपनाया और 1752 में ग्रेट ब्रिटेन ने इसे अपनाया। धीरे-धीरे, धर्मनिरपेक्ष दुनिया ने भी पोप ग्रेगरी के कैलेंडर को अपना लिया। यहां पर बदलते कैलेंडर के साथ क्रिसमस की तारीखों में भी बदलाव होता गया। जहां पर आगे चलकर 1923 तक, दोनों कैलेंडर के बीच 13 दिन का अंतर हो गया, जिससे रूढ़िवादी क्रिसमस 25 दिसंबर के 13 दिन बाद पड़ता था। इसलिए, रूस के सबसे बड़े चर्च सहित कुछ पूर्वी रूढ़िवादी चर्चों में लोग 7 जनवरी को क्रिसमस मनाते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
हम अपने दोस्त को… तेल की पहली खेप पहुंचने के बाद, रूस ने कहा- क्यूबा को अकेला नहीं छोड़ेगा मॉस्को
रूस का बड़ा सैन्य विमान हादसा! क्रीमिया में चट्टान से टकराया विमान, सभी 29 लोगों की मौत से मचा हड़कंप
ट्रंप ने अचानक बदली चाल! अंधेरे में डूबे क्यूबा के लिए ‘मसीहा’ बना रूस; 1 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर पहुंचा टैंकर
Explainer: क्या पुतिन का ‘हिडन हैंड’ बचाएगा ईरान? जानें रूस की सैन्य मदद और उसके पीछे का असली सच
रूढ़िवादी क्रिसमस की परंपरा (सौ.सोशल मीडिया)
क्या होती है इस ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस कि परंपराएं
यहां पर यह 7 जनवरी को मनाए जाने वाले ऑर्थोडोक्स क्रिसमस की खासियत औऱ परंपराएं 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले क्रिसमस की तरह ही है। यहां पर 7 जनवरी के दिन ऑर्थोडॉक्स के चर्च के अनुयायी द्वारा परंपरा के अनुसार यह क्रिसमस आने से पहले 40 दिनों तक उपवास रखते हैं और मांस से दूर रहते हैं। 6 जनवरी को क्रिसमस की पूर्व संध्या के बाद, वे अपने उपवास के अंतिम दिन का जश्न मनाने के लिए एक विशाल दावत का आयोजन करते हैं।
इस बड़ी दावत के दौरान 12 पारंपरिक व्यंजनों को परोसा जाता है।कुछ व्यंजनों में गोभी का सूप, पके हुए सेब, सब्जी का स्टू और रोटी शामिल हैं। कुछ समूह कैरोलिंग में शामिल होते हैं, गेहूँ के ढेर से घरों को सजाते हैं और सर्बियाई चर्च एक ओक शाखा या एक युवा ओक के पेड़ को जलाते हैं जो मसीह के जन्म की घोषणा के साथ होता है।
यूक्रेन ने बदली क्रिसमस की तारीख
यहां पर आर्थोडोक्स क्रिसमस को पहले यूक्रेन में 7 जनवरी को ही मनाया जाता था लेकिन यूक्रेन-रूस के बीच जंग के बाद नए बदलाव किए गए। बात 2023 की, की जाए तो, एक सदी से भी ज़्यादा समय में पहली बार यूक्रेन ने 7 जनवरी को क्रिसमस नहीं मनाया। जुलाई 2023 में, यूक्रेनी सरकार ने देश में क्रिसमस मनाने की तारीख को 7 जनवरी से बदलकर 25 दिसंबर करने वाला कानून पारित किया। इसके अलावा राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा हस्ताक्षरित कानून में कहा गया है कि यूक्रेन के लोग “अपनी परंपराओं और छुट्टियों के साथ अपना जीवन जीना चाहते हैं”।
लाइफस्टाइल की खबरें जानने के लिए क्लिक करें-
वहीं पर यूक्रेन में इस प्रकार का बदलाव हाल ही के सालों में किया गया है जहां पर नव निर्मित ऑर्थोडॉक्स चर्च ने भी अपनी क्रिसमस की तारीख बदलकर 25 दिसंबर कर दी है। बताया जा रहा है कि, ग्रेगोरियन कैलेंडर और जूलियन कैलेंडर के बीच विभाजन बढ़ता जा रहा है, इसलिए रूस में रूढ़िवादी चर्च को लगभग 75 वर्षों में 8 जनवरी को क्रिसमस मनाना शुरू करना होगा।
Know the story behind celebrating orthodox christmas
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 4 April: शनिवार को चमकने वाली है इन 3 राशियों की किस्मत, कुंभ और मेष को मिलेगी खुशखबरी!
Apr 04, 2026 | 12:05 AMIPL 2026 में पंजाब किंग्स ने चेपॉक का किला किया ध्वस्त, चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से रौंदा
Apr 03, 2026 | 11:25 PM‘जाइए सजना’ पर तबला कवर ने मचाई धूम, 40 लाख से ज्यादा लोग हुए दीवाने
Apr 03, 2026 | 10:44 PMडायबिटीज के लिए ही नहीं, जामुन में हैं कई औषधीय गुण
Apr 03, 2026 | 10:37 PMमस्जिद के वजू खाने की छत पर चढ़कर लहराया भगवा, शोभा यात्रा के दौरान तुगलकाबाद में मचा बवाल
Apr 03, 2026 | 10:27 PMकैसे करें बॉडी को डिटॉक्स? यहां जानिए आयुर्वेद के 6 असरदार उपाय, हफ़्ते भर में नज़र आएगा फ़र्क
Apr 03, 2026 | 10:26 PMAAP में छिड़ा गृहयुद्ध! आतिशी ने राघव चड्ढा को घेरा, बोलीं- क्या आप मोदी से डरकर लंदन भाग गए थे- VIDEO
Apr 03, 2026 | 10:24 PMवीडियो गैलरी

दिल्ली AIIMS में VIP कल्चर! 3 साल से धक्के खा रही महिला का वीडियो वायरल, बोली- यह गरीबों के लिए नहीं
Apr 03, 2026 | 10:20 PM
Bihar में सिस्टम फेल? डिप्टी सीएम के सामने फूट-फूटकर रोया फौजी
Apr 03, 2026 | 10:17 PM
योगी सरकार में घूसखोरी नहीं चलेगी, सलोन विधायक अशोक कोरी ने बीच सभा में एसडीओ की लगाई क्लास; वीडियो वायरल
Apr 03, 2026 | 10:13 PM
नालंदा भगदड़ में मासूम बच्ची की मौत पर भड़के पप्पू यादव, सिस्टम की विफलता पर उठाए सवाल, सरकार को दी चेतावनी
Apr 03, 2026 | 01:54 PM
बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में ओवैसी ने PM मोदी और ममता बनर्जी पर साधा निशाना; कही यह बड़ी बात
Apr 02, 2026 | 11:06 PM
Viral Video Fact Check: PM मोदी की रैली में गैस संकट पर सवाल या फैलाया गया भ्रम?
Apr 02, 2026 | 10:54 PM














