ट्रंप के बाद अब पुतिन का बीजिंग दौरा! क्या ग्लोबल मीडिएटर बन रहा चीन? अमेरिका की बढ़ी धड़कनें

Russia China Alliance: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के चीन दौरे के बाद अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बीजिंग पहुंच रहे हैं। यह दौरा पश्चिमी देशों को नो-लिमिट्स गठबंधन का एक कड़ा संदेश है।
Russia China Alliance: Putin Visits Beijing After Trump, Sending Strong Message To US And West
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Russia China Alliance Global Power Shift: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के तुरंत बाद अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी बीजिंग पहुंच रहे हैं। पुतिन का यह अहम दौरा वाशिंगटन और पश्चिमी देशों के लिए एक सीधा संदेश है कि दबाव के बावजूद उनकी साझेदारी कायम है। क्रेमलिन ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि इस खास रणनीतिक यात्रा से उन्हें बहुत ऊंची और बेहतरीन उम्मीदें हैं। दोनों देश अब अपनी इस विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी को एक बिल्कुल नए और बड़े मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार पुतिन और शी जिनपिंग पिछले कुछ सालों में 40 से अधिक मौकों पर एक दूसरे से मिल चुके हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिमी देशों ने यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर बेहद कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं। पुतिन की यह विशेष यात्रा दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक मित्रता संधि की महत्वपूर्ण 25वीं वर्षगांठ के खास मौके पर हो रही है। इस अहम संधि की नींव पुतिन ने ही साल 2001 में चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन के साथ मिलकर मजबूती से रखी थी।

रूस और चीन ने दिया अटूट गठबंधन का संदेश

रूस और चीन का यह गठबंधन टाइमिंग के हिसाब से साबित करता है कि संकट के समय में दोनों एक साथ हैं। ट्रंप के दौरे के बाद यह यात्रा दिखाती है कि वैश्विक मंच पर दोनों देश एक दूसरे के पीछे मजबूती से खड़े हैं। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कहा है कि वे बांटो और राज करो की नीति कभी नहीं अपनाएंगे।

चीन ने हर मौके पर सधी हुई कूटनीति से साबित किया है कि ग्लोबल साउथ का दबदबा अब लगातार बढ़ रहा है। ट्रंप के चीन दौरे के बाद ऑप्टिक्स में चीन काफी मजबूत दिखा है और पश्चिमी देशों का कड़ा प्रतिरोध कर रहा है। चीन अब खुद को दुनिया के सबसे बड़े ग्लोबल मीडिएटर और एक नए पावर सेंटर के रूप में पूरी तरह स्थापित कर चुका है।

रूस का बहुत बड़ा और हाई-प्रोफाइल डेलिगेशन जा रहा बीजिंग

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जोर देकर कहा कि रूस और चीन के रिश्ते अब विशेषाधिकार हासिल कर चुके हैं। पुतिन के साथ इस यात्रा में रूस का एक बहुत बड़ा और बेहद हाई-प्रोफाइल डेलिगेशन बीजिंग जा रहा है। इस दल में कई उप-प्रधानमंत्री और दिग्गज कंपनियों के प्रमुख शामिल हैं जो रणनीतिक रिश्तों को ऊंचाई देंगे।

पुतिन के इस दौरे से अमेरिका और उसके सहयोगियों को बहुत बड़ा कूटनीतिक और रणनीतिक झटका साफ तौर पर लगा है। दुनिया की कूटनीति अब अकेले अमेरिका की मर्जी से बिल्कुल नहीं चलेगी बल्कि यह नया गठबंधन इसे दिशा देगा। चीन और रूस का यह साझा प्रभाव अब वैश्विक राजनीति की एक बिल्कुल नई और अहम दिशा तय कर रहा है।

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