रसोई में मसालों (सौ. फ्रीपिक)
Fake Spices Identification: भारतीय रसोई में मसालों का स्थान स्वाद और औषधि दोनों के रूप में है। लेकिन मुनाफाखोरी के चक्कर में आज बाजार मिलावटी मसालों से पट गया है। हल्दी, मिर्च और धनिया के नाम पर परोसा जा रहा यह धीमा जहर आपके लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
सेहत का सीधा संबंध हमारे भोजन की शुद्धता से है। हम अक्सर महंगे ऑर्गेनिक उत्पाद खरीदते हैं लेकिन रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे मसालों की शुद्धता पर ध्यान देना भूल जाते हैं। आज के समय में प्राचीन ओखली या चक्की से पीसे गए शुद्ध मसालों की जगह फैक्ट्रियों में तैयार केमिकल युक्त मिलावटी मसालों ने ले ली है। बाजार में बिकने वाली हल्दी में लेड क्रोमेट और लाल मिर्च में ईंट का चूरा मिलना अब आम बात हो गई है। ऐसे में अपनी और अपने परिवार की सेहत की रक्षा के लिए असली और नकली मसालों की पहचान करना बेहद जरूरी है।
धनिया पाउडर की शुद्धता जांचने के लिए एक कांच के गिलास में पानी लें। इसमें दो चम्मच धनिया पाउडर डालें और इसे आधे घंटे के लिए छोड़ दें। यदि पाउडर गिलास की तली में बैठ जाता है तो धनिया शुद्ध है। लेकिन अगर इसमें लकड़ी का बुरादा या कोई अन्य अशुद्धि मिली होगी तो वह पानी की सतह पर तैरने लगेगी।
शुद्धता का प्रतीक माना जाने वाला सेंधा नमक भी अब सुरक्षित नहीं रहा। इसकी जांच के लिए एक आलू को बीच से काटें और उस पर थोड़ा सेंधा नमक छिड़कें। अब नमक के ऊपर नींबू की कुछ बूंदें डालें। यदि नमक शुद्ध है तो रंग में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके विपरीत यदि नमक मिलावटी है तो आलू का रंग काला या नीला पड़ने लगेगा।
मसाले (सौ. फ्रीपिक)
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लाल मिर्च की जांच के लिए उसे पानी के गिलास में डालें। यदि मिर्च शुद्ध है तो वह पानी के ऊपर ही तैरेगी। यदि इसमें ईंट का चूरा या रंग होगा तो वह तुरंत नीचे बैठने लगेगी और पानी का रंग गहरा लाल कर देगी। वहीं काली मिर्च के पाउडर को पानी में डालने पर यदि वह सतह पर तैरने लगे तो वह शुद्ध है। डूबने वाला पाउडर अशुद्ध माना जाता है।
हल्दी को सबसे ताकतवर औषधि माना जाता है लेकिन मिलावट इसकी शक्ति खत्म कर देती है। एक गिलास पानी में हल्दी पाउडर डालें। शुद्ध हल्दी पानी में धीरे-धीरे नीचे बैठने लगती है और बहुत गहरा रंग नहीं छोड़ती। वहीं मिलावटी हल्दी पानी में जाते ही तुरंत घुल जाती है और गहरा पीला या रासायनिक रंग छोड़ देती है।
मसाले सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए होते हैं। मिलावटी मसालों का सेवन कैंसर और पेट की गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। इसलिए थोड़ा समय निकालकर इन घरेलू टेस्ट को जरूर करें और स्वास्थ्य से समझौता न करें।