‘इंजीनियर्स डे’ मनाने की शुरुआत कब हुई, किस इंजीनियर को समर्पित है या ख़ास दिन, जानिए
Engineers Day: भारत रत्न एवं ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से सम्मानित एम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इंजीनियर्स डे को हिंदी में राष्ट्रीय अभियंता दिवस कहते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
कैसे हुई इंजीनियर्स डे की शुरुआत (सौ.सोशल मीडिया)
Engineers Day Kyu Manaya Jata hai: आज 15 सितंबर को समूचे भारत में इंजीनियर्स डे मनाया जा रहा है। यह दिवस भारत के पहले इंजीनियर, भारत रत्न एवं ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से सम्मानित एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एम विश्वेश्वरैया का पूरा नाम मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया है और उन्हें भारत का पहला इंजीनियर कहा जाता है।
जैसा कि आप जानते है कि, किसी भी देश के निर्माण में इंजीनियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश के विकास में महती भूमिका निभाने वाले इंजीनियर्स को सम्मान देने के लिए यह दिन मनाया जाता है।
भारत के अलावा 15 सितंबर को श्रीलंका और तंजानिया में भी इंजीनियर दिवस मनाया जाता है। इंजीनियर्स डे को हिंदी में राष्ट्रीय अभियंता दिवस कहते हैं। हर साल इस दिन के लिए एक खास थीम होती है। जानें इस बार की थीम क्या है।
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कैसे हुई इंजीनियर्स डे की शुरुआत जानिए
आपको बता दें, इंजीनियर्स डे मनाने की शुरुआत का इतिहास भारत के एक महान सपूत और विश्वविख्यात इंजीनियर से जुड़ा है। 15 सितंबर का दिन भारत रत्न से सम्मानित डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उनका जन्म 15 सितंबर, 1861 को मैसूर के एक छोटे से गांव में हुआ था।
डॉ. एम. विश्वेश्वरैया न केवल एक असाधारण इंजीनियर थे, बल्कि एक कुशल एडमिनिस्ट्रेटर और राष्ट्र निर्माता भी थे। उन्होंने अपने ज्ञान और इंजीनियरिंग कौशल का इस्तेमाल देश की प्रगति के लिए किया। उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है कृष्णराज सागर बांध (KRS Dam) का निर्माण, जो कर्नाटक में स्थित है। इस परियोजना ने मैसूर क्षेत्र में सिंचाई और पानी की क्रांति ला दी, जिससे कृषि और अर्थव्यवस्था को बल मिला।
इसके अलावा, उन्होंने हैदराबाद शहर को बाढ़ से बचाने के लिए एक बाढ़ सुरक्षा प्रणाली भी डिजाइन की, जो उनकी दूरदर्शिता का सबूत है। उनके इन योगदानों को देखते हुए और इंजीनियरिंग पेशे के प्रति सम्मान जताने के लिए भारत सरकार ने 1968 में उनके जन्मदिन, 15 सितंबर को नेशनल इंजीनियर्स डे के रूप में घोषित किया।
आखिर इंजीनियर्स डे मनाने का क्या है? उद्देश्य
सम्मान और सराहना-
समाज में इंजीनियरों के योगदान को स्वीकार करना और उनके परिश्रम की सराहना करना।
युवाओं को प्रेरणा-
डॉ. विश्वेश्वरैया के जीवन और कामोंसे युवा पीढ़ी को प्रेरित करना, ताकि वे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित हों।
इनोवेशन को बढ़ावा-
इंजीनियरिंग में इनोवेशन और क्रिएटिविटी को प्रोत्साहित करना, जो राष्ट्र के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
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जागरूकता-
आम जनता को इंजीनियरिंग के महत्व और रोजमर्रा के जीवन में इसके पर प्रभाव के बारे में शिक्षित करना।
