सर्दियों में अचानक क्यों बढ़ रहे हैं ब्रेन स्ट्रोक के मामले? ये 3 छोटी लापरवाही बन सकती हैं जानलेवा
Brain Stroke Risk Symptoms: सर्दियों के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ते देखे जा रहे हैं। ठंड के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ना, शरीर में पानी की कमी जैसी लापरवाही इसका एक कारण हो सकती है।
- Written By: प्रीति शर्मा
ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित मरीज की प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
Winter Brain Stroke Reasons: सर्दियों का मौसम सेहत के लिए कई तरह की समस्याएं लेकर आता है। इस दौरान ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक के मामलों का बढ़ना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। डॉक्टरों का कहना है कि हमारी कुछ आम आदतें इस खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं।
कड़ाके की सर्दी केवल सर्दी-जुकाम ही नहीं बल्कि जानलेवा ब्रेन स्ट्रोक का कारण भी बन रही है। जैसे-जैसे पारा गिर रहा है अस्पतालों में स्ट्रोक और मिर्गी के मरीजों की तादाद बढ़ रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कम तापमान के कारण हमारी रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे रक्तचाप अचानक बढ़ जाता है। यही बढ़ा हुआ बीपी दिमाग की नसों को फाड़ने या उनमें क्लॉट पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है।
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ठंडे पानी से सिर धोना
सर्दियों में सबसे बड़ी गलती सीधे सिर पर ठंडा पानी डालना है। जब अचानक बहुत ठंडा पानी सिर पर पड़ता है तो शरीर का तापमान संतुलित करने के लिए दिमाग की नसें तेजी से सिकुड़ती हैं। इससे ब्लड प्रेशर शूटअप हो जाता है और ब्रेन हेमरेज का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और शुरुआत पैरों से करें।
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शारीरिक गतिविधियों का कम होना
ठंड के कारण लोग घरों में रहना पसंद करते हैं और व्यायाम बंद कर देते हैं। इससे रक्त संचार धीमा हो जाता है। साथ ही विटामिन डी की कमी नसों की सेहत को प्रभावित करती है। शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना और घंटों एक ही जगह बैठे रहना क्लॉटिंग के जोखिम को बढ़ाता है।
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लाइफस्टाइल की गलतियां
सर्दियों में लोग तली-भुनी चीजें और नमक का ज्यादा सेवन करते हैं। ज्यादा नमक सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। इसके अलावा कम पानी पीना खून को गाढ़ा कर देता है। यह ब्रेन तक रक्त प्रवाह में रुकावट पैदा करता है जिससे स्ट्रोक की स्थिति पैदा होती है।
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कैसे करें बचाव
सर्दियों में ठंड सीधा कान और सिर पर असर करती है। इसलिए कहीं भी जाने से पहले सिर और कान को अच्छे से कवर करके जाना चाहिए। अगर आप अचानक बोलने में लड़खड़ाहट, चेहरा तिरछा होना या हाथ पैर में कमजोरी महसूस हो रही है तो ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
