दांत दर्द से परेशान व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक)
Home Remedies For Toothache: दांत का दर्द एक ऐसी समस्या है जो न केवल आपके खान-पान बल्कि आपके पूरे दिन की कार्यक्षमता को प्रभावित कर देती है। कभी ठंडे-गरम से होने वाली झनझनाहट, तो कभी मसूड़ों में संक्रमण या सड़न के कारण उठने वाला तेज दर्द इंसान को बेचैन कर देता है।
अक्सर यह दर्द रात के समय या ऐसे वक्त पर उठता है जब डेंटिस्ट के पास जाना तुरंत संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में आयुर्वेद में बताए गए प्राकृतिक उपाय किसी वरदान से कम साबित नहीं होते।आइए जानते हैं रसोई में मौजूद उन चीजों के बारे में जो आपके दांतों के लिए पेनकिलर का काम कर सकती हैं।
आयुर्वेद में लौंग को दांत दर्द की सबसे अचूक दवा माना गया है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो लौंग में यूजेनॉल नामक एक सक्रिय तत्व पाया जाता है। यह तत्व एक बेहतरीन प्राकृतिक दर्द निवारक और एंटीबैक्टीरियल एजेंट है। जब आप दर्द वाले दांत के नीचे लौंग दबाकर रखते हैं या कॉटन की मदद से लौंग का तेल लगाते हैं तो यह उस हिस्से की नसों को हल्का सुन्न कर देता है जिससे दर्द का अहसास तुरंत कम हो जाता है। हालांकि ध्यान रहे कि लौंग का तेल बहुत शक्तिशाली होता है इसलिए इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करें।
भारत में सदियों से दांतों की सफाई के लिए नीम की दातुन का प्रयोग किया जाता रहा है। नीम में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह के हानिकारक कीटाणुओं का सफाया करते हैं। यह न केवल दर्द में राहत देता है, बल्कि मसूड़ों को मजबूत भी बनाता है। नीम मुंह के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है जिससे एसिडिटी कम होती है और कैविटी बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
हर किचन में पाई जाने वाली औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी कई समस्याओं को कम करती है। इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक होता है। यदि दांत दर्द के साथ मसूड़ों में सूजन आ गई है तो हल्दी को थोड़े से सरसों के तेल के साथ मिलाकर प्रभावित हिस्से पर मालिश करने से काफी लाभ होता है। यह न केवल दर्द को खींच लेती है बल्कि संक्रमण को फैलने से भी रोकती है।
यह भी पढ़ें:- World Homoeopathy Day: कैसे हुआ होम्योपैथी का जन्म? जानें उस खोज के बारे में जिसने चिकित्सा जगत को चौंका दिया
मुलेठी का उपयोग अक्सर गले की खराश के लिए किया जाता है लेकिन यह ओरल हेल्थ के लिए भी उत्कृष्ट है। मुलेठी की जड़ में मौजूद तत्व दांतों की सड़न पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं। इसका पाउडर एक प्राकृतिक क्लीनर की तरह काम करता है जो दांतों की सतह पर जमा प्लाक को साफ कर मसूड़ों को राहत पहुँचाता है।
नमक के गुनगुने पानी से कुल्ला करना एक बेहतरीन नेचुरल डिसइंफेक्टेंट प्रक्रिया है। नमक पानी मसूड़ों की सूजन को कम करता है और दांतों के बीच फँसे भोजन के कणों को निकाल देता है। यह मुंह के छालों और संक्रमण को दूर करने का सबसे सुलभ तरीका है।
ये घरेलू उपाय आपको तुरंत राहत देने में मदद करेंगे। हालांकि यदि दर्द लगातार बना रहे या मसूड़ों से खून आने की समस्या हो तो विशेषज्ञ डेंटिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य है। अपनी ओरल हाइजीन का ध्यान रखें और दिन में दो बार ब्रश जरूर करें।