

मसल्स ग्रोथ के लिए प्रोटीन और संतुलित कैलोरी का ध्यान रखें।
ठंड में वॉर्मअप के बाद शुरु करें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग।
मसल्स रिकवरी के लिए हाइड्रेशन, नींद और आराम जरूरी है।
Muscle Building in Winter: सर्दियों में ठंड के कारण कई लोगों का वर्कआउट रूटीन छूट जाता है या कम हो जाता है। कुछ लोग जिम जाना कम कर देते हैं, तो कुछ लोग खानपान में ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाने लगते हैं। लेकिन अगर आपका लक्ष्य मसल्स बनाना और शरीर को मजबूत करना है, तो केवल ज्यादा खाना पर्याप्त नहीं है।
मसल्स ग्रोथ के लिए सही मात्रा में प्रोटीन, बैलेंस कैलोरी, रेगुलर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पर्याप्त नींद जरूरी हैं। सर्दियों में इन सात बदलावों के साथ अपनी फिटनेस जर्नी को बेहतर बनाया जा सकता है।
मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी पोषक तत्व है। एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों पर पड़ने वाले दबाव के बाद उनकी रिकवरी और विकास में प्रोटीन मदद करता है। इसलिए सर्दियों में भी हर मुख्य भोजन में प्रोटीन का एक सोर्स शामिल होना चाहिए।
नाश्ते में बेसन या मूंग दाल का चीला और दही।
लंच में दाल, सब्जी, राजमा, छोले या सोया।
स्नैक्स में भुना चना, स्प्राउट्स या ग्रीक योगर्ट।
डिनर में पनीर, टोफू, अंडे या चिकन।
जो लोग नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, उनके लिए प्रतिदिन लगभग 1.4 से 2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के हिसाब से जरूरी है। इसकी जरूरत उम्र, एक्टिविटी, स्वास्थ्य और ट्रेनिंग के अनुसार बदलती है।
ठंड के मौसम में मिलने वाले कई खाद्य पदार्थ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एनर्जी मिलती है।
पालक, मेथी और सरसों का साग।
गाजर, चुकंदर और शकरकंद।
अमरूद, संतरा और आंवला।
तिल, मूंगफली और बादाम।
बाजरा और रागी।
मसल्स बनाने के लिए शरीर को पर्याप्त ऊर्जा चाहिए। यदि आप लगातार जरूरत से कम कैलोरी ले रहे हैं, तो मसल्स ग्रोथ प्रभावित होती है। दूसरी ओर, जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने पर शरीर में अनचाहा फैट जमा होता है।
अगर आपका लक्ष्य मसल्स बढ़ाना है, तो मेंटेनेंस कैलोरी से थोड़ा अधिक खाना उपयोगी होता है। इसे कैलोरी सरप्लस कहते हैं। इसके लिए खाने की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और शरीर के बदलावों पर नजर रखें। इसके लिए चावल, रोटी, ओट्स, आलू, फल, दालें, दूध, पनीर और सीमित मात्रा में नट्स व बीज खाएं।
मसल्स बनाने के लिए सिर्फ डाइट नहीं, बल्कि नियमित रेजिस्टेंस ट्रेनिंग भी जरूरी है। सर्दियों में जिम जाना मुश्किल लगे तो घर पर भी डंबल, रेजिस्टेंस बैंड या बॉडीवेट एक्सरसाइज की मदद ले सकते हैं।
स्क्वाट्स और लंजेस - पैरों और ग्लूट्स के लिए।
पुश-अप्स और चेस्ट प्रेस - चेस्ट और अपर बॉडी के लिए।
लैट पुलडाउन और रो – पीठ की मांसपेशियों के लिए।
शोल्डर प्रेस – कंधों की मजबूती के लिए।
प्लैंक – कोर मसल्स के लिए।
सप्ताह में 2 से 3 बार हर मसल ग्रुप को ट्रेन करने की प्लानिंग के साथ आगे बढ़ें। एक्सरसाइज का वजन और रेप्स अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाएं।
ठंड के मौसम में शरीर और मांसपेशियों को एक्सरसाइज के लिए तैयार होने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। इसलिए सीधे भारी वजन उठाने के बजाय 5 से 10 मिनट का हल्का वॉर्मअप करें।
हल्की वॉक या ट्रेडमिल।
आर्म सर्कल और शोल्डर रोल।
हिप सर्कल और लेग स्विंग।
बॉडीवेट स्क्वाट्स।
हल्के वजन के साथ पहले सेट की प्रैक्टिस।
सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को पानी की जरूरत नहीं है। वर्कआउट के दौरान पसीना निकलता है और शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी होता है।
दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पिएं। पानी के अलावा सूप, दूध और पानी से भरपूर फल भी ठंड में शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखते हैं।
मसल्स केवल जिम में वजन उठाने से नहीं बनतीं। एक्सरसाइज के बाद शरीर को रिकवरी का समय देना भी जरूरी है। लगातार बिना आराम के ट्रेनिंग करने से थकान और परफॉर्मेंस खराब होने लगती है।
केवल ज्यादा कैलोरी खाने को मसल्स ग्रोथ समझना।
प्रोटीन की जरूरत को नजरअंदाज करना।
बिना वॉर्मअप भारी वजन उठाना।
हर दिन एक ही मसल ग्रुप की ट्रेनिंग करना।
पानी कम पीना और नींद पूरी न लेना।
जल्दी परिणाम पाने के लिए जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करना।