

Health Tips: सर्दियों के मौसम में गाजर और चुकंदर को अमृत समान माना जाता है। यह कॉम्बिनेशन न केवल शरीर में खून की कमी को दूर करता है बल्कि त्वचा पर गजब का निखार भी लाता है। हालांकि आयुर्वेद और विज्ञान दोनों चेतावनी देते हैं कि हर किसी के लिए यह जूस फायदेमंद नहीं होता।
सर्दियों में गाजर और चुकंदर का जूस शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आयुर्वेद में इसे रक्त धातु को पुष्ट करने वाला और ओज बढ़ाने वाला पेय माना गया है। आधुनिक विज्ञान भी इसे एक बेहतरीन नेचुरल ब्लड बूस्टर ड्रिंक मानता है। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, नाइट्रेट और फोलेट रक्त प्रवाह को बेहतर बनाते हैं और हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाते हैं।
जितना यह जूस सेहतमंद है उतना ही कुछ लोगों के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है।
गाजर और चुकंदर दोनों में प्राकृतिक मिठास अधिक होती है। जूस के रूप में इनका सेवन रक्त में शुगर के स्तर को अचानक बढ़ा सकता है जो डायबिटीज मरीजों के लिए घातक है।
चुकंदर में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है। यदि आपको पथरी की समस्या है तो यह जूस स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट्स रक्तचाप को कम करने का काम करते हैं। लो-बीपी के मरीजों को इसका सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान शरीर की स्थिति संवेदनशील होती है इसलिए डाइट में इसे शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना अनिवार्य है।
गाजर-चुकंदर का जूस पोषण का पावरहाउस है लेकिन इसका सेवन अपनी शारीरिक स्थिति को समझकर ही करना चाहिए। यदि आप ऊपर दी गई किसी भी श्रेणी में आते हैं तो स्वाद के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता न करें।