

Fruits For Blood Sugar Control: अगर आप डायबिटीज के मरीज है या ब्लड शुगर बढ़ने का डर रहता है, तो आमतौर पर लोग फल खाना छोड़ देते हैं। दरअसल, फल पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। फलों में नेचुरल शुगर यानी फ्रूकटोज के साथ फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी होते हैं।
खास बात यह है कि फल खाना अधिक सुरक्षित है। फलों का जूस डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। फलों में शुगर के साथ फाइबर की मात्रा भी काफी होती है, जब कि जूस में केवल शुगर की मात्रा होती है।
अमरूद फाइबर वाला फल है और इसे साबुत खाने पर पेट भी ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस होता है। डायबिटीज या ब्लड शुगर की चिंता करने वाले लोग इसे अपनी डाइट में एक लिमिट में शामिल कर सकते हैं।
सेब में फाइबर होता है और इसे साबुत खाना जूस पीने से बेहतर है। अगर आप ब्लड शुगर मैनेज कर रहे हैं तो छोटे आकार का पूरा सेब स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है।
नाशपाती में फाइबर पाया जाता है और इसे साबुत फल की तरह खना चाहिए। इसे काटकर या इसका जूस निकालकर खाने के बजाय पूरा फल खाने से फाइबर का फायदा मिलता है।
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी जैसे फलों को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ताजे, फ्रोजन या बिना शुगर वाले फलों को बेहतर विकल्प मानता है।
संतरा भी फल के रूप में खाया जा सकता है, लेकिन इसका जूस पीने से बचना चाहिए। साबुत फल में मौजूद फाइबर पाचन को धीमा करता है, जबकि जूस आसानी से ज्यादा मात्रा में पी लिया जाता है और उसमें फाइबर कम हो सकता है और शुगर की मात्रा अधिक होती है।
ब्लड शुगर कंट्रोल में रहना शरीर की फंक्शनिंग के लिए जरूरी है। फल हेल्दी होने के बावजूद इनमें कार्बोहाइड्रेट और नेचुरल शुगर होती है। इसलिए फलों की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, एक छोटा साबुत फल या लगभग आधा कप फल में सामान्य तौर पर करीब 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, लेकिन सभी फलों में यह मात्रा समान नहीं होती है।
बल्ड शुगर को कंट्रोल में रखने लिए एक हेल्दी डायबिटीज डाइट का ख्याल रखना अधिक जरूरी है।