Yoga For Deep Sleep: शाम को सिर्फ 20 मिनट करें ये 5 योगासन, तनाव होगा दूर और आएगी सुकून भरी नींद

Evening Yoga: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और नींद की समस्या काफी आम हो गई है। ऐसे में शाम के समय कुछ आसान योगासन करना शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।
Evening Yoga Poses For Stress
शाम के समय योगासन का अभ्यास करती महिला (सौ. एआई)
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Yoga For Better Sleep: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, मानसिक थकान और निरंतर भाग-दौड़ हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में अक्सर लोग शारीरिक और मानसिक रूप से टूट जाते हैं। लेकिन अगर आप शाम के समय केवल 15 से 20 मिनट का समय खुद के लिए निकालें तो पूरे दिन की थकान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। योग न केवल शरीर को लचीला बनाता है बल्कि यह मानसिक शांति प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

शाम का योग क्यों है जरूरी

नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने फायदेमंद होता है। शाम के समय किया जाने वाला योग शरीर को धीरे-धीरे आराम की स्थिति में लाने का काम करता है। इससे न केवल मांसपेशियों का तनाव कम होता है बल्कि दिमाग भी शांत होता है जिससे रात में अच्छी और गहरी नींद आने की संभावना काफी बढ़ जाती है। यदि इसे रोजाना सही तरीके से किया जाए तो सकारात्मक परिणाम कुछ ही दिनों में दिखने लगते हैं।

तनाव और थकान कम

शाम के योग में कुछ विशेष आसनों को शामिल करना अत्यंत लाभकारी हो सकता है। जिससे आपको रात के समय अच्छी नींद भी आएगी और दिनभर की थकान भी गायब हो जाएगी।

बालासन और मार्जरीआसन

बालासन उन लोगों के लिए वरदान है जो पूरे दिन डेस्क जॉब करते हैं या मानसिक तनाव से जूझते हैं। यह आसन नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है और पीठ व कंधों की जकड़न को दूर करता है। वहीं मार्जरीआसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और शरीर में रक्त संचार को बेहतर करता है जिससे दिनभर की अकड़न कम होती है।

पश्चिमोत्तानासन और विपरीत करणी

पश्चिमोत्तानासन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है जिससे रीढ़ और पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह पाचन क्रिया में सुधार करने के साथ-साथ चिंताओं पर नियंत्रण पाने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त विपरीत करणी उन लोगों के लिए प्रभावी है जो लंबे समय तक खड़े रहते हैं या चलते हैं। यह पैरों की थकान मिटाता है और विशेष रूप से अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी है।

शवासन

किसी भी योग सत्र का समापन शवासन के बिना अधूरा माना जाता है। इस आसन में शरीर को पूरी तरह स्थिर रखा जाता है और ध्यान केवल सांसों पर केंद्रित होता है। यह शरीर और मन दोनों को गहरी शांति प्रदान करता है जिससे मानसिक संतुलन बना रहता है और दिनभर की सारी थकान दूर हो जाती है।

शाम का 20 मिनट का यह लघु योग सत्र आपके स्वास्थ्य के लिए एक निवेश की तरह है। संतुलित रक्त संचार, बेहतर पाचन और शांत मन के माध्यम से आप न केवल तनाव मुक्त जीवन जी सकते हैं बल्कि अपनी कार्यक्षमता में भी सुधार कर सकते हैं।

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