Pahadi Food: पहाड़ों की सैर पर जा रहे हैं, तो सिड्डू के साथ इन पारंपरिक व्यंजनों का भी लुत्फ उठाएं
Foods From Mountain: हम सभी को घूमने का बहुत शौक होता है। हम जहां भी घूमने जाते हैं, वहां की स्पेशल डिश ट्राई करते हैं। आमतौर पर लोग पहाड़ों पर जाकर सिड्डू, मैगी और पहाड़ी मोमोज ट्राई करते हैं।
- Written By: रीता राय सागर
सिड्डू (फोटो.सोशल मीडिया)
Pahadi Food: गर्मी की छुट्टियों में आप भी किसी ठंडी जगह पर घूमने का सोच रही हैं, तो पहाड़ों में मिलने वाले इन स्वाद का लुत्फ जरूर उठाएं। न केवल सिड्डू बल्कि कई ऐसी पहाड़ी डिशेज है, जिनका स्वाद लाजवाब है।
आमतौर पर लोग जब पहाड़ों की ओर घूमने जाते हैं, तो सिड्डू का स्वाद चखना नहीं भूलते हैं। ये पहाड़ों की फेवरेट डिश है, लेकिन पहाड़ों में सिड्डू के अलावा भी कई डिशेज मिलती हैं, जिसे एक बार खाना तो बनता है।
जलेबी
वैसे तो जलेबी हर जगह मिलती है, लेकिन जब शिमला के मॉल रोड पर बैठकर रबड़ी में डूबे हुए जलेबी का स्वाद आप चखते हैं, तो शरीर के साथ-साथ जुबान भी ठंडी हो जाती पहाड़ों के खूबसूरत नजारे सामने हों, ठंडी हवाएं आपको छू रही हों, उसी समय अगर गरमा-गरम जलेबी मिल जाए तो मजा ही आ जाता है। इसका स्वाद टूरिस्ट्स को इतना पसंद आता है कि लोग इसे खाने सुबह-सुबह पहुंच जाते हैं।
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जलेबी (फोटो. सोशल मीडिया)
चायंशू
उतराखंड की चायंशू कुमाऊनी और गढ़वाली रेसिपी हैं, जो पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है। यह एक किस्म की दाल होती है, जिसे काली उड़द की दाल से बनाया जाता है। दाल को धीमी आंच पर रोस्ट करके इसका दरदरा पाउडर बनाया जाता है। इसके बाद इस पाउडर को कुछ स्थानीय मसालों के साथ पकाया जाता है। इसमें जीरा, मेथा और हींग का भी इसतेमाल किया जाता है।
चायंशू (फोटो. सोशल मीडिया)
स्वाले
स्वाल एक पारंपरिक व्यंजन है, जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है। यह स्वाल क्षेत्र में अधिक बनाया और पसंद किया जाता है। इसमें पालक या मेथी के पत्तों को बारीक काटकर उसे सोयाबीन या भाट के आटे में मिलाकर बनाया जाता है। इसमें एख सोंधा टेस्ट होता है, जो इसे बाकी डिशेज से अलग बनाता है।
आलू पाल्दा
घी और मसालों के साथ पका कर बनाई जाने वाली आलू पाल्दा क्रीमी और बेहद टेस्टी डिश है। इसे प्याज की ग्रेवी, दही और पीसे हुए चावल के साथ बनाया जाता है। इसमें लौंग, इलायची व दालचीनी का स्ट्रॉन्ग फ्लेवर होता है, जो इस डिश को लजीज बनाता है।
आलू पाल्दा (फोटो.सोशल मीडिया)
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पहाड़ी धाम
हिमाचली धाम को स्पेशल ब्राह्मण रसोइयों द्वारा तैयार किया जाता है, जिन्हें बोटिस के नाम से जाना जाता है। पहाड़ी धाम एक फुल कोर्स मील होता है, जिसे खास मौकों पर परोसा जाता है। इसमें दाल, राजमा मदरा, कढ़ी, चावल और स्थानीय मिठाइयाँ जैसे कई व्यंजन होते हैं, जो बिना प्याज-लहसुन के, मिट्टी के बर्तनों में बनते हैं। यह एक दावत है, जो खुशी के मौकों, त्योहारों या शादियों पर दी जाती है।
