
सांकेत्क तस्वीर (Image- Social Media)
Earthquake in jammu Kashmir: 1 जनवरी 2026 की सुबह कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। लोग अचानक अपने घरों से बाहर भागने लगे और काफी देर तक दहशत में रहे। भूकंप के कारण कुछ समय के लिए सड़कों पर भी अफरा-तफरी मच गई।
कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ये झटके 1 जनवरी 2026 को सुबह 04:42 बजे महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.0 दर्ज की गई है। इसका केंद्र हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में था, जो जमीन की सतह से 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। भले ही तीव्रता कम थी, लेकिन सुबह के सन्नाटे में महसूस हुए इन झटकों ने लोगों को डरा दिया।
भूकंप से पहले
● अपने घर को भूकंपरोधी बनाने के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर से सलाह लें
● दीवारों और छत में मौजूद दरारों की समय पर मरम्मत कराएं
● खुले शेल्फ दीवार से अच्छी तरह बांधें और भारी सामान निचले शेल्फ पर रखें
● एक आपातकालीन किट तैयार रखें
● परिवार के साथ मिलकर निजी आपदा प्रबंधन योजना बनाएं
● ‘झुको, ढको और पकड़ो’ तकनीक का अभ्यास करें
भूकंप के दौरान
● घबराने के बजाय शांत रहने की कोशिश करें
● किसी मजबूत टेबल के नीचे चले जाएं, एक हाथ से सिर ढकें और झटके रुकने तक टेबल को पकड़े रहें
● झटके थमते ही सावधानी से बाहर निकलें, लिफ्ट का प्रयोग न करें
● बाहर पहुंचने के बाद इमारतों, पेड़ों, दीवारों और बिजली के खंभों से दूर रहें
● यदि आप वाहन में हैं तो गाड़ी रोक दें और झटके खत्म होने तक अंदर ही रहें, पुल या फ्लाईओवर से बचें
भूकंप के बाद
● क्षतिग्रस्त इमारतों में दोबारा प्रवेश न करें
● सीढ़ियों का उपयोग करें, लिफ्ट या एलिवेटर से बचें
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● माचिस या आग न जलाएं
● अपने मुंह को कपड़े से ढक लें
● दीवार या पाइप पर हल्की आवाज करें
● सीटी बजाकर ध्यान आकर्षित करें
● बहुत जरूरी होने पर ही चिल्लाएं






