श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में भीषण विस्फोट, फोटो- सोशल मीडिया
Nowgam Blast: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शुक्रवार रात एक पुलिस थाने में रखे जब्त विस्फोटकों के एक बड़े ढेर में धमाका होने से सात लोगों की मौत हो गई और 27 घायल हो गए। यह विस्फोटक ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ मामले में फरीदाबाद से जब्त किया गया था।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित नौगाम पुलिस थाना परिसर में शुक्रवार रात भीषण धमाका हो गया। यह विस्फोट उस समय हुआ जब पुलिसकर्मी और एक एफएसएल टीम ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ मामले से जब्त विस्फोटक सामग्री के नमूने ले रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इस दुर्घटनावश हुए हादसे में हताहत हुए जवानों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है जबकि 27 लोग घायल हो गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाना परिसर में शुक्रवार रात को एक भीषण धमाका हुआ, जिसके बाद मौके पर सुरक्षा बल के जवान खोजी कुत्तों के साथ जांच में जुट गए हैं। घटना के तुरंत बाद दमकल की कई गाड़ियां थाने पहुंचीं और फिलहाल थाने की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम जब्त किए गए विस्फोटक सामग्री के नमूने ले रही थी और उसका निरीक्षण कर रही थी। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि परिसर में मौजूद कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
जिस विस्फोटक सामग्री में धमाका हुआ, वह ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ मामले के संबंध में फरीदाबाद से जब्त करके लाई गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के किराए के आवास से कुल 360 किलोग्राम विस्फोटक जब्त करके लेकर आई थी।
डॉ. मुजम्मिल गनई इस मॉड्यूल का एक संदिग्ध है, जिसे अब तक गिरफ्तार किए गए 8 संदिग्धों में शामिल बताया गया है। डॉ. मुजम्मिल ने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में मौलवी इस्ताक से मकान किराये पर लिया था, जहां छापेमारी के दौरान यह विस्फोटक बरामद किया गया था। यह मामला ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ के संबंध में 19 अक्टूबर को दर्ज किया गया था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट के समय पूरी 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री उसी पुलिस थाने में रखी गई थी या नहीं।
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सूत्रों के मुताबिक, इस विस्फोटक के तार 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके से भी जुड़ रहे हैं। दिल्ली धमाके से पहले फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किए गए थे। इसके बाद, फरीदाबाद पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 3 डॉक्टरों सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें डॉ. मुजम्मिल भी शामिल था। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा ले जाए गए इसी विस्फोटक की जांच के दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण धमाका हुआ।