हुमायूं कबीर, फोटो- सोशल मीडिया
Humayun Kabir Murshidabad Protest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले मुर्शिदाबाद का सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। बाबरी मस्जिद के निर्माण और प्रशासन पर पक्षपात के आरोपों के बीच भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने ममता सरकार और पुलिस अधिकारियों को सीधी चुनौती दी है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर छिड़ा विवाद बुधवार को उस समय और गहरा गया जब निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया गया। हुमायूं कबीर के अनुसार, इस मस्जिद के निर्माण को पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा।
इस मामले में बुधवार की सुबह उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर निर्माण सामग्री ले जा रहे ट्रकों को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस का तर्क है कि इलाके में सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया था, लेकिन कबीर ने इसे प्रशासन की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करार दिया है।
हुमायूं कबीर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। इसके विरोध में उन्होंने 14 फरवरी को एक विशाल मार्च की घोषणा की है। यह मार्च बेरहामपुर टेक्सटाइल मोड़ से शुरू होकर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय तक जाएगा। कबीर ने बेहद विवादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे एसपी का “कॉलर पकड़कर जवाब मांगेंगे।” उन्होंने दावा किया कि वे इस प्रदर्शन में कम से कम एक लाख लोगों को शामिल करेंगे और इसके लिए वे प्रशासन को कोई औपचारिक नोटिस नहीं देंगे।
विधायक ने लालगोला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (OC) अतनु दास पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। कबीर का दावा है कि ओसी ने इलाके के ड्रग डीलरों से करीब 20 करोड़ रुपये की रिश्वत ली है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले में बिगड़ने वाली कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की होगी। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि गोलियों का सामना करने के लिए वे तैयार हैं और “बंगाल के सॉकेट्स” की आवाज उस दिन सबको समझ आ जाएगी।
यह विवाद केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि कबीर के परिवार तक भी पहुंच चुका है। कबीर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की बिल्डिंग से जुड़े मामले में प्रशासन गलत मंशा से काम कर रहा है। उनके अनुसार, केवल विवादित जमीन को फ्रीज करने के बजाय पूरी बिल्डिंग को ही फ्रीज कर दिया गया है।
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गौरतलब है कि हुमायूं कबीर भरतपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर विधायक चुने गए थे, लेकिन बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर अड़ने के कारण पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की ‘जनता उन्नयन पार्टी’ (JUP) का गठन किया है। वर्तमान में वे ममता सरकार और बीजेपी नेता अर्जुन सिंह, दोनों पर ही जमकर हमलावर हैं, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और अधिक गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।